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Saturday, March 28, 2009

हारे 25 बार, उत्साह फिर भी बरकरार

लोकसभा चुनाव में एक उम्मीदवार 26वीं बार अपने भाग्य का फैसला मतदाताओं पर छोड़ने को तैयार है। इसमें भी आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि वह 25बार चुनाव लड़ने के बावजूद एक बार भी मतदाताओं का विश्वास नहीं जीत सके। फिर भी पूरे उत्साह से चुनावी मैदान में हैं। यह उम्मीदवाद हैं उड़ीसा के 73वर्षीय के श्याम बाबू सुबुधि। पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर श्याम बाबू अस्का और बहरामपुर संसदीय क्षेत्रों से एक साथ अपनी किस्मत आजमाएंगे। वह 1957 से लगातार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन एक बार भी जीत नहीं सके हैं।
श्याम बाबू का कहना है कि उन्होंने कभी किसी पार्टी का दामन थामने का प्रयास नहीं किया क्योंकि उनका मानना है कि उनकी संघर्षशीलता देखकर लोग राजनीति में आने का साहस बटोर सकते हैं।
श्याम बाबू 15 बार लोकसभा और 10 बार विधानसभा चुनाव में हार चुके हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री पी।वी. नरसिंम्हाराव, उड़ीसा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक और मौजूदा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के खिलाफ भी लड़ चुके हैं।


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Monday, March 23, 2009

शॉटगन को टक्कर देंगे 'लव गुरु'


प्रोफेसर से 'लव गुरु' के रूप में चर्चित हुए मटुकनाथ पटना साहेब संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुके हैं। मटुकनाथ बॉलिवुड में शॉटगन के नाम से मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा को कड़ी टक्कर देने के मूड में हैं। गौरतलब है कि अपने से आधी उम्र की अपनी शिष्या जूली के साथ प्रेम-प्रसंग को लेकर प्रफेसर मटुकनाथ पूरे देश में चर्चा के विषय रहे थे।
'लव गुरु' मटुकनाथ चुनाव जरूर लड़ रहे हैं, पर उनका कहना है कि वह राजनीति के लिए प्रेम का बिजनस नहीं करना चाहते हैं। मटुकनाथ का कहना है कि वह चुनाव इसलिए लड़ रहे हैं क्योंकि उनकी दिली इच्छा है कि राजनीति में भी प्रेम पनपे। मटुकनाथ चुनाव चिह्न भी 'दिल' चाहते हैं। मटुक बाबू का कहना है कि उन्होंने इंडिपेंडंट कैंडिडेट के रूप में पटना से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। साथ ही चुनाव आयोग से वह अपील करेंगे कि उन्हें चिह्न के रूप में दिल का सिंबल मिले। चुनाव जीतने के बाद उनकी प्राथमिकताओं के बारे में पूछने पर लव गुरु का कहना है कि वह दुनिया को प्रेम का संदेश देना चाहते हैं। मटुक बाबू के मुताबिक, जो व्यक्ति लोगों से प्रेम से करता है वही आम जनता के लिए व्यापक काम कर सकता है। गौरतलब है कि शादीशुदा और एक पुत्र के पिता मटुकनाथ में उस समय चर्चा में आए थे, जब वे अपनी स्टूडंट जूली के साथ अपने सरकारी प्रफेसर क्वार्टर में अकेले रहते हुए पकड़े गए थे। पटना यूनिवर्सिटी के बीएन कॉलिज के हिन्दी विभाग के विभागाध्यक्ष मटुकनाथ और जुली के इस प्रेम प्रसंग का मामला मीडिया में आने के बाद यूनिवर्सिटी द्वारा उनसे शादीशुदा होते हुए भी जूली के साथ उनके संबंधों को लेकर और मीडियाकर्मियों तथा जुली की मौजूदगी में कॉलिज में क्लास लेने के आरोप में सस्पेंड कर दिया था।


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