लखनऊ: देश में सुन्नी मुसलमानों की सर्वोच्च संस्था दारुल उलूम देवबंद ने बालों को काला करने को गैर-इस्लामी करार देते हुए फतवा जारी किया है।
फतवे के मुताबिक, शरीयत बालों को काला करने की इजाजत नहीं देती। इसलिए बालों को रंगना गैर-इस्लामी है। यह फतवा देवबंद के दारुल इफ्ता विभाग ने जारी किया है। देवबंद ने अपनी वेबसाइट पर पूछे ऑनलाइन सवाल के जवाब में यह फतवा जारी किया है।
सवाल में एक शख्स ने पूछा था कि मेरा भाई जो कि 26 साल का है, उसके बाल सफेद हो गए हैं। ऐसे में क्या बालों को काला किया जा सकता है। इस फतवे का समर्थन करते हुए लखनऊ स्थित सुन्नी धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगमहली ने कहा कि बालों को रंगना एक तरह का धोखा है और यह फतवा उसी के खिलाफ आया है। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि फतवा सामाजिक मसलों पर नहीं, बल्कि धार्मिक मामलों पर दिया जाना चाहिए।
Thursday, January 1, 2009
गैर-इस्लामी है बालों को रंगना
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