Saturday, January 31, 2009

यूकी भांबरी बने जूनियर किंग






  • आस्ट्रेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट में लड़कों का एकल खिताब जीता
  • जर्मनी के अलेक्जेंड्रोस फर्डिनांदोस जार्जोदास को 6-3, 6-1 से दी शिकस्त
  • जूनियर ग्रैंड स्लैम एकल खिताब जीतने वाले तीसरे भारतीय बने
मेलबर्न।भारत के प्रतिभाशाली खिलाड़ी और भविष्य की उम्मीद यूकी भांबरी ने आस्ट्रेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट में तिरंगा बुलंद करते हुए लड़कों का एकल खिताब जीत लिया। विश्व के नंबर दो जूनियर खिलाड़ी यूकी ने खिताबी मुकाबले में जर्मनी के अलेक्जेंड्रोस फर्डिनांदोस जार्जोदास को 6-3, 6-1 से पराजित किया। इसके साथ ही वह जूनियर ग्रैंड स्लैम एकल खिताब जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए है।
इससे पहले यह उपलब्धि रमेश कृष्णन और लिएंडर पेस को हासिल थी। रमेश कृष्णन ने 1979 में फ्रेंच ओपन और विंबल्डन के जूनियर खिताब जीते थे जबकि पेस ने 1990 में विंबल्डन का जूनियर खिताब और 1991 में यूएस ओपन का जूनियर खिताब जीता था।
सोलह वर्षीय यूकी गत वर्ष यहां सेमीफाइनल में हार गए थे लेकिन इस बार वह न केवल फाइनल में पहुंचे बल्कि आखिरी बाधा भी पार की। उन्होंने फाइनल में अपने जर्मन प्रतिद्वंद्वी को मात्र 57 मिनट में दिन में तारे दिखा दिए। दिल्ली के यूकी ने खिताबी मुकाबले में हर लिहाज से अपनी श्रेष्ठता साबित की। उनका कोर्ट कवरेज और आत्मविश्वास इतना जबरदस्त था कि उनके गैर-वरीयता प्राप्त प्रतिद्वंद्वी को मैच में प्रभाव छोड़ने का एक भी मौका नहीं मिल पाया। भारतीय खिलाड़ी ने पूरे मैच में अपने जर्मन खिलाड़ी को एक भी ब्रेक अंक नहीं दिया जबकि अपने प्रतिद्वंद्वी की सर्विस पर सात ब्रेक अंकों में से चार को भुनाया।
फाइनल में पहुंचा जर्मनी खिलाड़ी पूरे मैच में भारतीय खिलाड़ी की शानदार सर्विस और सटीक ग्राउंडस्ट्रोक को मुकाबला नहीं कर सका। जर्मन खिलाड़ी ने मैच में लगातार बेजा भूले की जिसका यूकी ने पूरा फायदा उठाया। यूकी ने बेसलाइन में खेलते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी को बराबर दबाव में बनाये रखा।


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Friday, January 30, 2009

भूपति, सानिया मिक्स्ड डबल्स फाइनल में



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विलियम्स बहनों ने जीता युगल खिताब


आस्ट्रेलियन ओपन में महिलाओं के युगल मुकाबले का खिताब अमेरिका की वीनस विलियम्स और सेरेना विलियम्स की जोडी ने जीत लिया है। "आस्ट्रेलियन ओपन डॉट कॉम" के मुताबिक शुक्रवार को खेले गए फाइनल में विलियम्स बहनों ने जापान की आई सुगियामा और स्लोवाकिया की डेनियाला हंतुकोवा की जोडी को 6-3, 6-3 से हरा दिया।
मेलबर्न में 75 मिनट तक चले इस मुकाबले में विलियम्स बहनों की जोडी ने शुरू से ही अपना दबदबा बनाए रखा। पहले सेट में दोनों ने शानदार खेल दिखाते हुए इसे बडी आसानी से 6-3 से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट में सुगियामा और हंतुकोवा की जोडी ने मैच में वापसी करने की भरपूर कोशिश की लेकिन विलियम्स बहनों ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। दूसरा सेट भी 6-3 से अपने नाम कर वीनस और सेरेना ने खिताब पर कब्जा जमा लिया।उल्लेखनीय है कि विलियम्स बहनों का यह आठवां ग्रैंडस्लैम खिताब है। इसके साथ ही विलियम्स बहनों ने ग्रैंड स्लेम के फाइनल में पहुचकर न हारने का अपना रिकॉर्ड बरक़रार रखा है।


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'फिजा' से कहीं उब तो नही गए 'चाँद!'



चन्द्रमोहन उर्फ़ चाँद मोहम्मद अचानक 'उनकी' दुनिया से लापता हुए तो फिजा ने नीद की गोलियां निगलकर खुदकुशी करने का प्रयास कर डाला। अभी महीने भर पहले चंद्रमोहन और अनुराधा बाली ने इसलाम धर्म अपनाकर शादी की थी। चंद्रमोहन चांद मोहम्मद बन गए थे, तो अनुराधा बाली फिजा। दोनों ने अपनी शादी की बात को सार्वजनिक करते हुए कहा था कि उन्होंने अपनी मोहब्बत को परवान चढ़ाने में जमाने की परवाह नहीं की। मगर ऐसा क्या हुआ की चाँद को फिजा से दूर-दूर भागना पड़ रहा है और फिजा को खुदकुशी करने का प्रयास करने की ज़रूरत आन पड़ी।

कहीं ऐसा तो नही भजनलाल का पुत्रमोह जाग उठा है और वे चन्द्रमोहन की वापसी की बाटजोहने लगे हैं।
चन्द्रमोहन ने कहा था कि वह बाली से प्यार करते हैं और साथ रहना चाहते हैं , फिर एक महीने बाद ही वह अचानक लापता क्यों हो गए ? अब वे फिजा से बात नहीं कर रहे हैं ? कोई बात तो है ? चर्चा है कि चंद्रमोहन अपनी दूसरी शादी के बारे में कोई राज छिपा रहे हैं। फिजा भी आशंकित हैं। उन्होंने कहा है कि चंद्रमोहन पर दबाव है। हालाँकि दबाव का खुलासा उन्होंने नही किया लेकिन उनके भाई कुलदीप विश्नोई पर अपहरण के आरोप जड़ दिए।

आज जबकि फिजा को अस्पताल से छुट्टी हो गई तो फिजा ने कल की नौटंकी से इतर कहा की उन्होंने खुदकुशी का प्रयास नही किया था और उनकी तबियत ख़राब हो गई थी। फ़िर भी सवाल जो जवाब मांग रहा है कि चाँद फिजा से दूर-दूर क्यों हैं? तबियत बिगड़ने के बाद भी चाँद फिजा को देखने क्यो नही आए?

कही ऐसा तो नही कि चाँद अब फिजा से उब गए हो और जो सत्ता सुख वो पूर्व में भोग चुके हैं उसकी याद आने लगी हो।
इस बीच एक तथ्य यह भी कि चंद्रमोहन ने मार्च, 2008 में अपनी सारी संपत्ति पहली पत्नी सीमा बिश्नोई और बच्चों के नाम कर दी थी। लोग इसका मतलब निकालने में लगे हैं। इसके अलावा चंद्रमोहन और अनुराधा बाली के बीच पिछले पांच सालों से जान - पहचान है। चंद्रमोहन के कहने पर ही बाली को हरियाणा का असिस्टेंट एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया था।

सम्भव है चंद्रमोहन को यह महसूस होने लगा हो कि जो रसूख राजनीति में है वो फिजा के साथ रहने में नही? या फ़िर वो 'फिजा' के प्यार से उब तो नही गए? हो सकता है इस्लाम धर्म उन्हें रास नही आ रहा था या होने को तो बहुत कुछ हो सकता है। हम कहा तक आकलन करते फिरेंगे।


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Thursday, January 29, 2009

लोस चुनाव लड़ेंगी ऐश्वर्या वो भी पप्पू यादव के खिलाफ?


खबर है कि ' मुन्नाभाई ' संजय दत्त के बाद बच्चन परिवार की बहू ऐश्वर्या राय समाजवादी पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं। बिहार के समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने निर्णय लिया है कि वे ऐश्वर्या राय से पार्टी टिकट पर मधेपुरा से चुनाव लड़ने के लिए आग्रह करेंगे। गौरतलब है कि मधेपुरा से तिहाड़ जेल में बंद पप्पू यादव सांसद हैं और जनता दल(यू) के नैशनल प्रेजिडंट शरद यादव चुनाव लड़ने वाले हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं के मांग को देखते हुए एसपी बिहार के पार्लियामेंटरी बोर्ड ने ऐश्वर्या राय के नाम की अनुशंसा पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव से की है। बिहार प्रदेश एसपी पार्लियामेंटरी बोर्ड के चेयरमैन तुलसी सिंह ने कहा कि बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने उनसे आग्रह किया है कि ऐश्वर्या राय को मधेपुरा से चुनाव लड़वाने के लिए वह पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव को तैयार करें।
मधेपुरा सीट से राष्ट्रीय जनता दल के सांसद पप्पू यादव हैं। पप्पू वामपंथी नेता अजीत सरकार की हत्या के जुर्म में दिल्ली के तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।


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आख़िर कहां गए 412 पाकिस्तानी?

एंटी टेररिस्ट सेल (एटीएस) और नोएडा पुलिस ने बेशक दो पाकिस्तानी आतंकियों फारूक और अबू इस्माइल को मार गिराकर गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में तबाही से बचा लिया हो, लेकिन खतरा फिलहाल कम नहीं हुआ है। बीते चार सालों से अकेले उत्तर प्रदेश के भीतर 412 पाकिस्तानी लापता हैं। वे कहां हैं और क्या कर रहे हैं, खुफिया एजंसियों को भी इसके बारे में ठोस जानकारी नहीं है। वे कभी भी देश में बड़े पैमाने पर तबाही का ताना बाना बुन सकते हैं।
वैसे भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आईएसआई के बड़े पैमाने पर ठिकाने हैं। खुफिया एजंसियां भी मान चुकी हैं कि इस इलाके में आतंकियों को शरण देने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। यहां 100 से अधिक ठिकानों की पहचान की गई है जहां आतंकियों को पनाह मिल सकती है। इसमें पुराने ठिकाने भी हैं।
मैच देखने के बहाने किया घुसपैठ
वैसे तो आईएसआई के गढ़ के रूप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश काफी पहले से स्थापित हो चुका है। इस बीच पूर्वांचल का आजमगढ़ जिला भी आतंक के गढ़ के रूप में सामने आया है। 2005 में भारत में भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सीरीज हुई थी और मैच देखने के लिए वीजा लेकर ३७१ पाकिस्तानी आए थे। लेकिन वे सीरीज खत्म होने के बाद लौटे ही नहीं। पुलिस और खुफिया एजंसियां तभी से उनकी तलाश में हैं। गोरखपुर जोन से 26, लखनऊ जोन में 58, कानपुर जोन में 96, बरेली में 72, मेरठ में 44 और इलाहाबाद जोन से 31 पाकिस्तानी गायब हैं।
खुफिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि पूर्वांचल में गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, कुशीनगर, महाराज गंज, आजमगढ़, गोंडा, बहराइच, बलराम में आईएसआई के एजंटों के ठिकाने हैं। इन जिलों में पुलिस को विशेष चौकस किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तो सहारनपुर और मुजफ्फरनगर आईएसआई एजंटों के सबसे बड़े गढ़ हैं ही। यहां आईएसआई एजंटों के जो 100 से अधिक ठिकाने हैं, वे अधिकतर ग्रामीण इलाकों में हैं। मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर और बिजनौर में भी आईएसआई की गतिविधियां खुफिया एजंसियों और पुलिस की नजर में आई हैं।


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Wednesday, January 28, 2009

वनडे में तेरह हजारी बने जयसूर्या


भारत के खिलाफ पहले मैच में शतकीय पारी के साथ ही श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज़ संत जयसूर्या वनडे क्रिकेट में 13 हजार रन पूरे करने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 14वें ओवर में ईशांत की गेंद पर अपना 37वां रन बनाने के साथ ही वनडे क्रिकेट में 13 हजार रन पूरे कर लिए। अपनी इस उपलब्धि का जश्न उन्होंने शतकीय पारी मनाया। जयसूर्या ने 428 मैचों में 32.83 की औसत से 13070 रन बना लिए हैं। वहीं तेंदुलकर ने 421 वनडे मैचों में करीब 44 की औसत से 16432 रन अपने नाम कर लिए हैं।

  • वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरा नंबर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक का है जिन्होंने 378 मैचों में 11739 रन बनाए।
  • भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली [311 मैचों में 11363 रन] और आस्ट्रेलिया के मौजूदा कप्तान रिकी पोंटिंग [305 मैचों में 11315 रन] क्रमश: चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।
  • जयसूर्या 39 बरस 212 दिन की उम्र में वनडे शतक जड़ने वाले सबसे उम्रदराज क्रिकेटर भी बने। पिछला रिकार्ड ज्याफ बायकाट के नाम था जिन्होंने 1979 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ 39 बरस 51 दिन की उम्र में 105 रन बनाए थे।
  • सचिन और जयसूर्या दोनों ने अपना एकदिवसीय कैरियर आठ दिन के अंतराल में दिसम्बर 1989 में शुरु किया था लेकिन सचिन ने जहां 13 हजार रन तक पहुंचने में 14वर्ष और 89 दिन का समय लगाया वहीं जयसूर्या को इस आंकडे तक पहुंचने में 19वर्ष से अधिक का समय लग गया।
  • जयसूर्या ने 1996 के विश्व कप में विस्फोटक बल्लेबाजी को नया आयाम दिया था। उसके बाद से उनकी ऐसे बल्लेबाज के रुप में पहचान बन गई जो विपक्षी गेंदबाजों की गेंदों की बखिया उधेर कर रख देते हैं।
  • जयसूर्या ने 2006 में संन्यास लेने का फैसला किया। लेकिन उन्होंने तत्काल ही इसे वापस भी ले
  • जयसूर्या ने वेस्ट इंडीज में 2007 में हुए विश्व कप में 38 वर्ष की उम्र होने के बावजूद 467 रन बनाए। वह सितम्बर 2007 में दक्षिण अफ्रीका में हुए २०-20विश्व कप में सबसे बुर्जुग खिलाडी थे।
  • जयसूर्या ने 2007-08 में कैंडी में इंग्लैड के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी थी। उन्होंने अपनी आखिरी टेस्ट पारी में 78 रन बनाए थे।
  • जयसूर्या ने अपने 110 टेस्ट के कैरियर में 14 शतकों और 31 अर्धशतकों की मदद से 6973 रन बनाए।
  • आईपीएल के पहले टूर्नामेंट में उन्होंने 514 रन बनाये। श्रीलंका के खेल मंत्री कें सीधे हस्तक्षेप के बाद जयसूर्या को एशिया कप के लिए टीम में चुन लिया गया।
  • एशिया कप के फाइनल में उन्होंने भारत के खिलाफ 125 रन ठोके और श्रीलंका को खिताबी जीत दिलाई।
  • गत वर्ष जुलाई में बनाए इस शतक के लगभग छह महीने बाद जाकर जयसूर्या ने अपना 28 वां वनडे शतक बनाया।
  • जयसूर्या वनडे में 13 हजार रन बनाने के अलावा इस मैच से पहले तक 311 विकेट भी ले चुके है।
  • जयसूर्या अवपे कैरियर में भारत और पाकिस्तान के खिलाफ सबसे ज्यादा सफल रहे हैं। भारत के खिलाफ उन्होंने 80 मैचों में 2633 रन और पाकिस्तान के खिलाफ 79 मैचों में 2466 रन बनाए हैं।


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आप ने भी इसे आलू समझ लिया


क्रोएशिया। तो आप ने भी इसे आलू ही समझ लिया। वैसे आपको बता दें कि यह आलू नहीं, अंडा है। सच तो यह है कि इस अंडे की बनावट ही कुछ ऐसी है कि इसे जो देखता है, वही आलू समझ बैठता है। लंबाई में यह सामान्य अंडो से अधिक है तो चौड़ाई भी अपेक्षाकृत अधिक है। इसका एक सिरा गोलाकार तो दूसरा चपटा है। यह अंडा नेडा ग्लिबोटा के फार्महाउस में एक मुर्गी ने दिया है। उनका फार्म हाउस दक्षिण क्रोएशिया के स्लिवनो में है। 72 साल की नेडा काफी समय से मुर्गी पालन का व्यवसाय कर रही हैं।
पहली बार जब नेडा ने इस अंडे को देखा था, तो वह भी आश्चर्यचकित रह गई थीं। इसके बाद उन्होंने इसे दिखाने के लिए अपने कुछ मित्रों को बुलाया। पहले सबने इस अंडे का आमलेट बनाकर पार्टी मनाने की योजना बनाई थी। लेकिन बाद में नेडा के ही एक दोस्त ने सुझाव दिया कि यह अंडा अपने में नायाब है और इसे यूं बर्बाद नहीं कर देना चाहिए। सुझाव सभी को पसंद आया और इसे प्रदर्शनी में दिखाने का निर्णय लिया गया। अब यह अंडा एक प्रदर्शनी की शोभा बन गया है। यहां बड़ी संख्या में लोग इसे देखने आ रहे हैं। लोगों को देखकर नेडा भी खुशी से फूली नहीं समा रही हैं।


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आम चुनाव अप्रैल-मई में


लंदन। भारत के चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा कि भारत में आम चुनाव इस साल अप्रैल-मई में होंगे। कुरैशी ने मंगलवार शाम यहां इंडिया हाउस में जे एंड के इलेक्संस 2008 विषय पर व्याख्यान के बाद कहा कि चुनाव आयोग ने अभी अंतिम तिथि पर चर्चा नहीं की है, लेकिन ये आठ अप्रैल से 15 मई के बीच होंगे। इस अवसर पर ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त शिव शंकर मुखर्जी भी मौजूद थे।
कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के दौरान आई दिक्कतों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिकूल हालातों के बावजूद 61.5 प्रतिशत मतदान का होना दर्शाता है कि चुनाव कराने का फैसला सही था। उन्होंने इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि दुनिया में भारत ही ऐसा देश है जहां इतने बडे़ पैमाने पर मतदान मशीनों का इस्तेमाल होता है।


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सानिया-भूपति सेमीफाइनल में


ऑस्ट्रेलियन ओपन में सानिया मिर्जा और महेश भूपति की जोड़ी का शानदार अभियान जारी है। दोनों की जोड़ी ऑस्ट्रेलियन ओपन मिक्स्ड डबल्स के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। बुधवार को इस जोड़ी ने कनाडा के अलेक्सांद्रा वोजनैक और डेनियल नेस्टर को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। दोनों यह मैच ६-३ और ६-४ से जीत लिया। भूपति-सानिया की जोड़ी को इस बार ऑस्ट्रेलियन ओपन में कोई भी वरीयता नहीं मिली थी। लेकिन इस बार साल के पहले ग्रैंड स्लैम में दोनों का प्रदर्शन अब तक काफी शानदार रहा है। दोनों ने क्वॉर्टर फाइनल में अनाटेसिया रोडिनोवा और स्टीफन हस को ६-१ और ६-२ से सीधे सेटों में हराया था।


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Tuesday, January 27, 2009

एक ही साथ आठ बच्चों की मां बनी

कैलिफोर्निया के लास एंजिलिस स्थित अस्पताल के डाक्टर यह देखकर आश्चर्य में पड़ गए जब एक महिला ने एक साथ छह लड़कों और दो बच्चियों को जन्म दिया। इससे पहले भी 1998 में एक महिला आठ बच्चों को जन्म दे चुकी है। उसने छह लड़कियों और दो लड़कों को जन्म दिया था जिनमें से एक सप्ताह बाद एक बच्ची की मौत हो गई थी।
अस्पताल की डाक्टर कारेन मेपलेस के अनुसार आठों बच्चे स्वस्थ हैं और इनकी हालत स्थिर है। हालांकि इन्हें नियोनेटल इंटेसिव केयर यूनिट में रखा गया है। डा. मेपलेस ने बताया कि इन बच्चों का जन्म प्रसव की तय अवधि से नौ सप्ताह पहले ऑपरेशन के जरिये कराया गया। उन्होंने बताया कि छह बच्चों का जन्म सामान्य रूप से हुआ लेकिन दो बच्चों को वेंटिलेटर की मदद से गर्भाशय से बाहर निकाला गया।
इस असामान्य प्रसव के लिए 46 डाक्टरों की टीम का गठन किया गया था और टीम ने महज पांच मिनट में आठ बच्चों के जन्म पर घोर आश्चर्य प्रकट किया। मजे की बात तो यह है कि डाक्टरों को 680 ग्राम से 1.47 किग्रा तक के वजन वाले नवजात बच्चों की इस भरी-पूरी टीम को अंग्रेजी के ए से एच तक के वर्णाक्षरों की मदद से पहचानना पड़ रहा है। डा. मेपलेस ने चिकित्सा नियमों का हवाला देते हुए बच्चों की मां की पहचान से इंकार कर दिया।
डा. मेपलेस ने बताया कि हमने प्रसव से पहले सात बच्चों के जन्म की तैयारी की थी लेकिन एक-एक कर सात के बाद आठवां बच्चा भी देख हम सब हैरान रह गए। फिलहाल डाक्टरों की चिंता ए से लेकर एच तक के बीच मां का दूध पीने की जद्दोजहद से निपटने की है।


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Sunday, January 25, 2009

भाईजान ऐसे क्यों बोले !

अजीब सा संजोग है। हम 2६ जनवरी मनाने जा रहे हैं और भाईजान ने आज ऐसा बोल दिया। हालाँकि उन्होंने ऐसा कुछ नही कहा की मैं उसके बारे में सोचू मगर,
खाली दिमाग शैतान का घर जो ठहरा, सो सोच लिया।
बात दरअसल पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच हालिया सीरीज़ के तीसरे वनडे की है जो कल ही समाप्त हुई। पाक का ७५ पर सिमटना था की मेरे दिमाग की बत्ती जैसे जल उठी और भाईजान भी जल उठे। मैंने हेडिंग दी "लाहौर में निकला पाक का जूलूस"। मुझे लगा की ठीक ठाक ही हेडिंग है और विश्वाश जी ने उस पर मुहर भी लगा दी। लेकिन भाईजान को बुरा लग गया। क्या बुरा लगा? हेडिंग या मैं, नही पता लेकिन मुझे कोई आश्चर्य नही हुआ।
शायद उनकी मनःस्थिति कुछ और थी जो मैंने समझ ली खैर
यही भाईजान उस वक्त मेरी तारीफ़ करते नही अघा रहे थे की क्या ख़बर लिखी है इस जहान्नुम के बादशाह ने। पहले वनडे में बट ने शतक जमाया तो मैंने लिखा "बट की बैटिंग से लंका बेहाल"। और उन्होंने तो इसकी चर्चा हर जगह की। आख़िर समझ नही आया की वैचारिक परिवर्तन इतनी जल्दी वो भी ३ दिनों में।
मैं क्या लिख रहा हूँ, मुझे ख़ुद भी नही पता, लेकिन
इतना ज़रूर जनता हूँ की ६० वां गणतंत्र मनाने जाने के बाद भी हमारे अंदर यह भाव अभी नही आया है की "भारत मेरा देश है"। यह किसका दोष है इतनी गहन चर्चा करने लायक मैं नही। मगर इतना जानता हूँ की शिक्षा का असर होता हैं अगर वो शिक्षित करने पर जोर दे न की अक्षर ज्ञान देने की जैसा भाईजान ने ग्रहण की है।
हमें खुश होना सीखना होगा जब पृथ्वी मिसायल लॉन्च होती है न की गजनी लॉन्च होती है तब। क्या पृथ्वी जैसी मिसायल केवल राम की रक्षा करेगी रहीम की नही। गजनी से क्या केवल राम मरेगा रहीम नही। हमें इसे समझना होगा।
और भी मन की भड़ास निकलना चाहता हूँ लेकिन हमारे साथी बाघेला जी कह रहे हैं की बस यार फ़िर कभी ....
फ़िर कुछ चुभा तो लिखूंगा ....


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Friday, January 23, 2009

ऑस्कर में सबसे ज्यादा नोमिनेशन























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कुर्निकोवा प्रेगनंट !


टेनिस की दुनिया का जाना-पहचाना नाम रह चुकी रूस की ऐना कुर्निकोवा प्रेगनंट हैं ! सेलिब्रिटी गॉसिप के लिए मशहूर एक वेबसाइट ने ऐना के ढीले-ढाले कॉस्ट्यूम से अंदाजा लगाते हुए कहा है कि ऐना अपने गर्भ को छिपाने के लिए इस तरह के लिबास पहन रही हैं। टेनिस स्टार के साथ-साथ मॉडलिंग करने वाली ऐना को यह हालिया फोटो मियामी मे ली गई है , जहां वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ छुट्टियां मनाने गई है। इस फोटो में ऐना अक्सर अपने आम लिबास मतलब बिकीनी और शॉर्ट ड्रेस के विपरीत ढीले-ढाले वाइट ड्रेस में दिखीं।


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अल कायदा की पश्चिमी देशों पर हमले की अपील

अमेरिकी जेल से फरार अल कायदा के एक कमांडर ने गजा पर इस्राइल के हमले का बदला लेने के लिए मुस्लिमों से पश्चिमी और अरब राष्ट्रों की राजधानियों पर हमले की अपील की है। चरमपंथियों की वेबसाइट पर जारी विडियो संदेश में अबू याहया अल लिबी ने गजा पर इस्राइल के तीन सप्ताह तक चले हमले की पश्चिमी देशों और अरब नेताओं द्वारा निंदा करने में विफल रहने के कारण मुस्लिमों से हमले शुरू करने को कहा है। वर्ष 2005 में अबू याहया अफगानिस्तान स्थित बगराम जेल से फरार हो गया था। अल कायदा द्वारा अक्सर प्रयोग में आने वाली वेबसाइट पर भेजे गए आधे घंटे के इस विडियो की विश्वसनीयता अभी प्रमाणित की जानी है।


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पाकिस्तान दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती


  • पाकिस्तान और अफगानिस्तान वॉर अंगेस्ट टेरर मुहिम का के फ्रंट सेंटर - ओबामा
  • अलगाव की नीति से इस समस्या का समाधान नहीं
  • रीजनल स्तर पर कोशिश करनी होगी
  • पाकिस्तान की समस्या को सुलझाए बिना आतंकवाद पर काबू नहीं
अमेरिका के नए प्रेसिडेंट बराक ओबामा आतंकवाद के असली कारण तक पहुंचना चाहते हैं। ओबामा ने एक बार फिर कहा है कि पाकिस्तान दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने पाकिस्तान और अफगानिस्तान को अमेरिका के वॉर अंगेस्ट टेरर मुहिम का फ्रंट सेंटर बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान, दोनों देशों में आतंकवाद की समस्या गंभीर है।
हालांकि ओबामा ने कहा कि दोनों देशों के खिलाफ अलगाव की नीति से इस समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए रीजनल स्तर पर कोशिश करनी होगी। ओबामा ने ऐसा बयान देकर एक तरह से यह कह दिया है कि पाकिस्तान की समस्या को सुलझाए बिना आतंकवाद पर काबू नहीं पाया जा सकता है।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए रिचर्ड हालब्रुक को विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि नियुक्त किए जाने के बाद विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को संबोधित करते हुए ओबामा ने कहा कि पश्चिम एशिया में हमें समझना चाहिए कि हम अपनी समस्याओं से अकेले में नहीं निपट सकते। ओबामा ने कहा कि उनका प्रशासन अफगानिस्तान और पाकिस्तान पर अपना ध्यान तथा संसाधन को दोबारा केंद्रित करने तथा संसाधनों के बुद्धिमत्तापूर्ण तरीके से खर्च करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पाकिस्तान को दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताकर ओबामा ने एक तरह से भारत के स्टैंड का ही समर्थन किया है। भारत पिछले कई सालों से यह बात दुनिया के मंच पर कहता रहा है, पर अब तक अमेरिका समेत दुनिया के महत्वपूर्ण देश इसको ज्यादा तरजीह नहीं देते थे। ओबामा का यह बयान 2 दिन पहले दी गई उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाक की के प्रदर्शन पर सवालिया निशान लगाया था।
बयान का भारत ने किया स्वागत
पाकिस्तान को कूटनीतिक तरीके से घेरना जारी रखते हुए भारत ने अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को '
आतंकवाद के केंद्र ' में बताने संबंधी बयान का स्वागत करते हुए विश्व समुदाय से पाकिस्तान की धरती से उबरने वाले आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की।
रक्षा मंत्री ए. के। ऐंटनी ने अमेरिका द्वारा यह महसूस करने का स्वागत किया कि आतंकवाद का उदय पाकिस्तान से होता है। ऐंटनी ने कहा कि 30 से ज्यादा आतंकवादी संगठन पाकिस्तान में सक्रिय हैं। अच्छा हुआ जो विश्व समुदाय को यह समझ में आ गया है कि आतंकवाद का केंद्र पाकिस्तान है। अब विश्व समुदाय को पाकिस्तान की धरती से शुरू होने वाले आतंकवाद के खिलाफ कदम उठाना चाहिए।


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Thursday, January 22, 2009

25 दिन तक आइसबॉक्स में तैरते रहे


म्यामार के दो युवक 25 दिन तक आइसबॉक्स में समुद्र में तैरते रहे। ऑस्ट्रेलियाई मेरिटाइम सेफ्टी ऑथॉरिटी के प्रवक्ता के मुताबिक दोनों की उम्र लगभग 20 साल है। उन्हें ऑस्टेलिया के उत्तर में शनिवार को केप यॉर्क सीमा पर हवाई गश्त के दौरान आइसबॉक्स में पाया गया।

दोनों लोगों ने बताया कि वह 13 मीटर लंबी एक थाई नौका में सवार थे जो क्रिसमस के दो दिन पहले गहरे सागर में डूब गई। इमर्जंसी हेलिकॉप्टर के पायलट ने संवाददाताओं को बताया कि आइसबाक्स से निकाले जाने के बाद दोनों दो - दो लीटर पानी कुछ ही सेकंड में पी गए। उन्होंने बताया कि उनके पैर का कुछ हिस्सा खराब हो गया था . फर्स्ट ऐड देने के बाद उन्हें हॉस्पिटल में दाखिल करा दिया गया है।


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Wednesday, January 21, 2009

नया अमेरिका बनाएंगे


अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति के रूप में मंगलवार रात 10:30 बजे शपथ ली। ओबामा से पहले जो बिडेन ने अमरीका के उप राष्ट्रपति की शपथ ग्रहण की। ओबामा ने शपथ लेने के बाद कैपिटल की प्राचीर से देशवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अमेरिका की आत्मा को वापस से सृजित करने का समय आ गया है।
ओबामा ने जो कहा
  • लालच और गैर जिम्मेदारी के साथ बाजार का कुप्रबंधन अर्थव्यवस्था की कमजोरी का कारण है।
  • आज वैश्विक बाजार में हमारे उत्पाद और सेवाओं का कोई खरीददार नहीं है। इसे हमें बदलना
  • हम गरीब राष्ट्रों के साथ काम करेंगे।
  • विकसित राष्ट्रों से कहेंगे कि अपनी सीमाओं से बाहर प्रभावित हो रहे गरीब और कमजोर तबके के प्रति संवेदनहीन नहीं रह सकते।
  • सामने गम्भीर चुनौतियां, उम्मीद कायम
  • सभी बराबर और समय इतिहास बदलने का
  • इराक पर फैसला वहां के लोग करेंगे
  • अफगानिस्तान मे शान्ति कायम करेंगे
  • आतंकवाद को हराएंगे
  • विश्व शान्ति में अहम योगदान देते रहेंगे

"द स्टोरी ऑफ माय एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रुथ"

महात्मा गांधी की आत्मकथा द स्टोरी ऑफ माय एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रुथ", बाइबिल, अब्राहम लिंकन के लेख व हरमन मेलविल्ली की "मोबाय डिक" कुछ ऎसे साहित्य हैं, जो ओबामा के लिए हमेशा से पसंदीदा रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित "फ्रॉम बुक्स, न्यू प्रेसीडेंट फाउंड वायस" लेख में आलोचक मिकिको काकुतानी ने लिखा है कि ओबामा की वाकपटुता इस बात में छुपी है कि उन्होंने बचपन से ही दुनिया के अच्छे साहित्य से प्रेम किया।

भारत समर्थक ओबामा

बजरंगबली की छोटी-सी मूर्ति हमेशा अपनी जेब में रखने वाले ओबामा के हाल ही दिए कई बयानों से इनके भारत समर्थक होने का खुलासा हुआ है। मुंबई हमले के बाद ओबामा के हाल ही दिए बयान से उनके भारत के प्रति हमदर्दी व पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रवैये का उस वक्त पता चला जब उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे हमले कहीं भी और कभी भी हो सकते हैं।

ओबामा का मंत्रिमंडल

- हिलेरी क्लिंटन (विदेश मंत्री) 61 वर्ष -हिलेरी अमरीका की प्रथम महिला रहने के बाद राष्ट्रपति पद की होड में ओबामा की प्रतिद्वंदी भी थीं।

- रॉबर्ट गेट्स (रक्षा मंत्री) बुश के कार्यकाल में भी रक्षा मंत्री रह चुके गेट्स की नियुक्ति विवादित रही।

- टिमोथी गीथनर (वित्त मंत्री) इससे पहले न्यूयॉर्क के संघीय रिजर्व बैंक के अध्यक्ष थे। 47 वर्षीय गीथनर के आर्थिक मंदी से निपटने के प्रयास काफी सराहे गए।

- टॉम डैश्ले (स्वास्थ्य मंत्री) 61 वर्षीय पूर्व वायुसेना अधिकारी को स्वास्थ्य सुधारों के लिए सर्वश्रेषठ विकल्प माना गया। डैश्ले पूर्व में सीनेटर रह चुके हैं।

- एरिक हॉल्डर (एटॉर्नी जनरल, न्याय मंत्री) क्लिंटन के कार्यकाल में डिप्टी अटॉर्नी जनरल रह चुके एरिक ओबामा के मुख्य सहायक भी हैं।

- जेनेट नेपोलिटानो (होमलैंड सुरक्षा मंत्री) एरिजोना की गवर्नर रही जैनेट देश की सीमाओं की कडी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

- हिल्डा सॉलिस (श्रम मंत्री) 51 वर्षीय हिल्डा पहली लैटिन महिला थी जो स्टेट सीनेट में चुनी गईं।

- सुजेन राइस (संयुक्त राष्ट्र राजदूत) 44 वर्षीय राइस ओबामा के चुनाव प्रचार अभियान के दौरान उनकी विदेश नीतियों की सलाहकार थीं। यह पद सम्हालने वाली पहली अश्वेत महिला। क्लिंटन के कार्यकाल में भी मंत्री रही हैं।

-स्टीवन चु (ऊर्जा मंत्री) 60 वर्षीय चीनी मूल के चु को वर्ष 1997 में भौतिक विज्ञान के लिए नोबेल पुरस्कार मिल चुका है और इन्हें विज्ञान प्रबंधन का बढिया तजुर्बा है।

- लिसा जैक्सन (पर्यावरण मंत्री) 46 वर्षीय जैक्सन न्यू जर्सी के पूर्व गवर्नर के केबिनेट की सदस्य भी रह चुकी हैं। पर्यावरण नियंत्रक के रूप में 20 साल का अनुभव।

- शॉन डोनोवन (आवासीय मंत्री) 42 वर्षीय जोनोवन क्लिंटन के कार्यकाल में कार्यवाहक आवासीय आयुक्त थे। सस्ते आवासीय पक्ष में इनका अच्छा अनुभव है।

- आर्ने डंकन (शिक्षा मंत्री) 44 वर्षीय डंकन सात साल तक शिकागो पब्लिक स्कूल के प्रमुख रहे हैं। डंकन ओबामा के बास्केट बॉल के खेल के साथी भी हैं।

- केन सालाजर (गृह मंत्री) 53 वर्षीय सालाजर संयत स्वभाव के हैं और इन्होंने जल व पर्यावरण कानूनों की वकालत की है।

- टॉम विल्सैक (कृषि मंत्री) 58 वर्षीय विल्सैक दो बार लोवा प्रांत के गवर्नर रह चुके हैं और अक्षय ऊर्जा के प्रबल समर्थक हैं।

- लिओन पेनेटा (सीआईए निदेशक) सीआईए निदेशक के पद पर इन्हें चुने जाने पर सभी ने हैरानी जताई है। योग्य लेकिन खुफिया मामलों में कम अनुभवी।

- संजय गुप्ता (सर्जन जनरल) 39 वर्षीय संजय पेशे से न्यूरोसर्जन हैं। इनकी पुस्तक "चेजिंग लाइफ" काफी प्रसिद्ध रही है।


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Tuesday, January 20, 2009

इतने मशहूर क्यों हैं ओबामा


बेहद सामान्य और आम आदमी
ओबामा के प्रेजिडेंट पद के लिए चुनाव लड़ने के दौरान पूरी दुनिया ने उनके जीवन के छोटे-छोटे ब्यौरे भी चाव से पढ़े। लोगों ने उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि को जाना, जो असल में बहुत सामान्य और एक आम आदमी के जीवन जैसी ही थी। पिता एक ब्रिटिश परिवार के घरेलू नौकर थे, मां भी एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती थी। ओबामा के माता-पिता के बीच तलाक और फिर उनका पिता से दूर रहना और फिर मां के दूसरे विवाह के बाद उनका इंडोनेशिया के एक सामान्य स्कूल में पढ़ाई करना, ये सब ऐसी घटनाएं हैं जो उनके प्रति सहज ही लोगों की संवेदनाएं जगाती हैं।
नास्तिक मगर धार्मिक उदारता के साथ
ओबामा ने मुस्लिम और कैथलिक दोनों तरह के स्कूलों में पढ़ाई की। अपने कैंपेन के दौरान उन्होंने अपने ईसाई होने पर जोर दिया मगर यह घोषणा करने से भी नहीं चूके कि वह राज्य को धर्म से अलग रखते हैं। लोग उन्हें नास्तिक विचारधारा के ज्यादा करीब मानते हैं। ओबामा के भाषणों और उनके सक्रिय जीवन के बीच उनकी अंतिम छवि एक सेक्युलर नेता की बनी जिसके चलते अलग-अलग धार्मिक आस्थाओं वाले लोग भी सहज ही उनके खेमे से जुड़ते गए।
अफ्रीकी अमेरिकी होने का फायदा
ओबामा ने अपनी आत्मकथा में स्वीकार किया है कि वह अपने बारे में (अफ्रीकी अमेरिकी) समाज के नजरिए से इस हद तक आहत हुए कि किशोरावस्था में ही नशा करने लगे। इसलिए जब वह अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति पद के पहले ब्लैक उम्मीदवार बने, तो अमेरिका की कुल जनसंख्या के करीब 13 फीसदी अफ्रीकी अमेरिकी नागरिकों में से 95 फीसदी ने ओबामा को वोट दिया। लेकिन ओबामा के अश्वेत होने से ऐसा नहीं हुआ कि श्वेत उनके खिलाफ हो गए। कहा जा सकता है की अमेरिका में श्वेत-अश्वेत भेद पूरी तरह खत्म होने की ओर बढ़ रहा है।
युद्ध का दीवाना नहीं
बराक ओबामा पहले डेमोक्रेट थे, जिन्होंने बुश द्वारा इराक में छेड़े युद्ध की कड़ी आलोचना की। बाद में रिपब्लिकन पार्टी ने ओबामा के इसी नजरिए को लेकर आम अमेरिकियों को भड़काने की कोशिश की कि ऐसा भीरु प्रेजिडेंट देश और उसके नागरिकों की रक्षा नहीं कर पाएगा। ओबामा ने इराक में युद्ध न करने और अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने के ऐसे तर्क दिए कि रिपब्लिकन लाजवाब होकर रह गए। लेकिन ऐसा करते ही वह पहले से युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे करोड़ों अमेरिकियों की नजर में चढ़ गए। इराक युद्ध पर उनके ऐसे नजरिए ने उन्हें न सिर्फ अपने देश में बल्कि यूरोपीय और इस्लामिक देशों में भी बहुत लोकप्रिय बना दिया।
बेदाग कर्मठ जीवन
ओबामा ने ख़ुद को कर्मठ व्यक्ति के रूप में जनता के सामने पेश किया। इंटरनैशनल स्टडीज में बी।ए. करने और बाद में कानूनी पढ़ाई के बाद उनके हर काम को उजागर किया गया क्योंकि ये साबित करते थे कि ओबामा कितने जनता के नेता हैं। न सिर्फ उन्होंने वॉलंटियर बनकर वोटिंग लिस्ट में नाम डलवाने के लिए जनता के बीच कैंपेन चलाए, वह अश्वेतों के लिए वेलफेयर प्रोग्रामों, टैक्स छूट, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार अवसर पैदा करने जैसे पब्लिक के पसंदीदा मुद्दों पर भी सरकार की आलोचना करने में पीछे नहीं रहे।
एक बेहतर दुनिया का सपना
ओबामा ने हमेशा दूसरे देशों को बराबरी पर रखकर देखा। उन्होंने खुलकर स्वीकार किया कि ग्लोबलाइजेशन के दौर में अमेरिका अपनी जिद पर अड़कर दुनिया से अलग थलग नहीं हो सकता। चुनाव जीतने के बाद भी उन्होंने सिर्फ अमेरिकी हितों की बातें न करके पूरी दुनिया को बेहतर बनाने का वादा किया -आतंकवाद, परमाणु प्रसार, भुखमरी और गरीबी से मुक्त दुनिया।
एक लेखक और विचारक
राजनीति और नेताओं को लेकर कई देशों में जनता ने ऐसी धारणा बनाई हुई है की इसमे शातिर लोग ही पहुंचते हैं। मगर ओबामा ने इस धारणा को सिरे से खारिज किया है। ओबामा के रूप में दुनिया ने देखा कि राजनीति में किताबें लिखने वाले संवेदनशील विचारवान लोग भी आ सकते हैं। ओबामा सिर्फ लेखक ही नहीं, उनके भाषण सुनकर लोगों को मार्टिन लूथर किंग, महात्मा गांधी जैसे युग प्रवर्तकों की याद आ जाती है।


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ओबामा के समक्ष आर्थिक चुनौतियाँ

वर्ष 2008 की शुरुआत से ही अमरीकी अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में है और अगले एक साल तक इससे निजात मिलने की उम्मीद नहीं है। इस हिसाब से दूसरे विश्व युद्ध के बाद की ये सबसे लंबी मंदी साबित हो रही है। बीते साल लगभग 26 लाख अमरीकियों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा और बेरोज़गारी की दर सात फ़ीसदी से अधिक हो गई है।
ऐसे समय में जब बराक ओबामा राष्ट्रपति पद की शपथ ले रहे हैं, लगभग एक करोड़ दस लाख अमरीकी बेरोज़गार हैं और उन्होंने संकेत दिए हैं कि रोज़गार के नए अवसर पैदा करना उनकी प्राथमिकता होगी। हाउसिंग क्षेत्र को संकट से उबारना एक बड़ी चुनौती होगी। यह उनके 800 अरब डॉलर के आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज का मुख्य लक्ष्य है और वो चाहते हैं कि अमरीकी कांग्रेस इसे तुरंत मंज़ूरी दे दे।
ओबामा ने कहा है कि वो सड़क, पुल, स्कूल और बिजली जैसे बुनियादी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना चाहते हैं।
संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव ने पहले ही 825 अरब डॉलर की योजना प्रस्तावित की है जिसमें 550 अरब डॉलर निवेश पर और 275 अरब डॉलर करों में छूट पर खर्च होंगे। लेकिन सदन का कहना है कि और पैसों की ज़रूरत पड़ेगी।
बराक ओबामा की सोच पर कुछ विरोधाभास भी उभर कर सामने आए हैं जिनका समाधान नहीं हो सका है। एक ऐसा ही मुद्दा है कि रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिए और बुनियादी ढाँचे पर कितना खर्च किया जाए और आम लोगों और कारोबारियों को कर में कितनी छूट दी जाए ताकि वे ख़ुद खर्च करने की पहल करें।
ओबामा ने व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर कुल 1500 डॉलर के बराबर कर छूट देने का वादा किया है। लेकिन कुछ आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की छूट का आर्थिक विकास पर असर पड़ सकता है। आर्थिक मंदी से निपटने के लिए पिछले साल अक्तूबर में 700 अरब डॉलर के आपात पैकेज को कांग्रेस ने मंज़ूरी दी थी। बुश प्रशासन ने इनमें से आधी राशि खर्च कर दी है और इसका अधिकतर इस्तेमाल बैंकों को अतिरिक्त नकदी उपलब्ध कराने पर हुआ है लेकिन आधा हिस्सा अभी बचा हुआ है। शेष पैकेज को भी सीनेट ने पारित कर दिया है लेकिन महज 52-42 के वोट से। इससे लगता है कि वित्तीय क्षेत्र में सरकारी हस्तक्षेप के मुद्दे पर उन्हें डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों दलों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस की एक समिति पहले ही पैकेज के बँटवारे को लेकर नाखुशी जता चुकी है। इनके अलावा हाउसिंग क्षेत्र को संकट से उबारना और बजट घाटे को पाटना ओबामा के लिए बड़ी चुनौती होगी.


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ओबामा के लिए आलीशान कैडिलैक कार


बराक ओबामा आज २० जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। इस मौके पर परेड में दिखेगी यह शानदार कैडिलैक कार। अमेरिका में राष्ट्रपति के लिए नई गाड़ी को इसी तरह पेश करने की परंपरा रही है। इस कैडिलैक लिमोजिन को बनाया है जनरल मोटर्स ने। कार वाकई खास है। सुरक्षा के मामले में इसका जवाब नहीं है। साथ ही इस पर लगी अमेरिकी राष्ट्रपति की मुहर इसे अलग बनाती है।
एक ऑफिसर के मुताबिक इस गाड़ी के सुरक्षा उपकरणों के बारे में तो ज्यादा नहीं बता सकते, पर यह सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से अडवांस गाड़ी है। इसमें बुलेट प्रूफ शीशा, आर्मर्ड बॉडी, ऑक्सीजन सप्लाई होने के साथ केमिकल हमले से बचने की भी व्यवस्था है।


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बराक ओबामा के बारे में जो आप नहीं जानते



  • ओबामा लेफ्ट हैंडेंड हैं, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अब तक के वह छठे लेफ्टी राष्ट्रपति हैं।
  • ओबामा के पास एक जैसे दिखने वाले 11 नंबर के काले जूतों के चार जोड़े हैं।
  • ओबामा के पास महान मुक्केबाज मोहम्मद अली का ऑटोग्राफ वाला लाल रंग के बॉक्सिंग ग्लव्ज का एक जोड़ा है।
  • ओबामा को स्पाइडर मैन और कोनान द बार्बेरियन की कॉमिक्स इकट्ठा करने का शौक है।
  • ओबामा ने अपना स्टूडंट लोन चार साल पहले ही चुकाया है, वह भी अपनी किताब के प्रकाशन की डील साइन होने के बाद।
  • ओबामा ने हैरी पॉटर सीरीज की सारी किताबें पढ़ी हैं।
  • युवावस्था में ओबामा बैस्किन-रॉबिन्स आइसक्रीम की शॉप में काम करते थे और अब उन्हें आइसक्रीम बिल्कुल पसंद नहीं है।
  • ओबामा का मनपसंद स्नैक प्रोटीन से भरपूर पीनट वाला चॉकलेट है।
  • इंडोनेशिया में अपने प्रवास के दौरान ओबामा कुत्ते का मांस, सांप का मांस और भुने हुए टिड्डे खाते थे।
  • इंडोनेशिया में उनके पास टाटा नाम का एक पालतू बंदर भी था।
  • राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से पहले उन्होंने अपनी पत्नी मिशेल से सिगरेट पीना छोड़ने का वादा किया था, हालांकि वह यह वादा निभा नहीं पाए।
  • जवानी के दिनों में ओबामा ड्रग्स भी लेते थे, जिनमें कोकीन और मरिजुआना शामिल थे।
  • ओबामा अपने पास बच्चे की एक छोटी सी मूर्ति तथा इराक में जंग लड़ने वाले एक सैनिक का ब्रेसलेट रखते हैं। यह उनका गुड लक चार्म है।
  • ओबामा की पसंदीदा फिल्मों में कैसाब्लैंका और वन फ्लू ओवर द कुकूज नेस्ट शामिल हैं।
  • हार्वर्ड में पढ़ाई के दौरान उन्होंने कैलिंडर में अश्वेत पिन-अप मॉडल का काम करने के लिए जोर लगाया था। हालाँकि कमिटी ने इसे खारिज कर दिया।
  • ओबामा को बॉब डिलन, माइल्स डेविस, बाख और द फ्युजीस का संगीत बेहद पसंद है।
  • ओबामा को अपना ब्लैकबेरी फोन बार-बार चेक करने की आदत है। उन्हें अपनी यह आदत सबसे खराब लगती है।
  • हाई स्कूल की बास्केटबॉल टीम में अपने जबरदस्त खेल की वजह से उनके साथी उन्हें ' ओ ' बॉम्बर ' कहते थे।
  • स्वाहिली भाषा में ओबामा का अर्थ - जिस पर आशीर्वाद है।
  • वाइट हाउस के मैदान में बास्केटबॉल कोर्ट बनवाने की ख्वाहिश है।


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Sunday, January 18, 2009

12वीं पास बनेंगे IAS!


  • द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग [एआरसी] ने की सिफारिश
  • सिविल सेवा से अवगत कराने के लिए त्रिवर्षीय विशेष पाठ्यक्रम पर जोर
  • वीरप्पा मोइली हैं एआरसी के अध्यक्ष
सरकारी पैनल की सिफारिशों को अगर हरी झंडी मिल जाती है तो 12वीं पास छात्र भी सिविल सेवा में जाने का विकल्प पा सकेंगे। वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाले द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग [एआरसी] ने 12वीं पास छात्रों को सिविल सेवा के लिए जरूरी बातों से अवगत कराने के लिए चलाए जाने वाले त्रिवर्षीय विशेष पाठ्यक्रम में चयन का मौका देने की सिफारिश की है। मोइली ने कहा कि स्कूल से पढ़ाई करके निकले छात्रों को अगर सिविल सेवा में करियर बनाने के लिए चुना जाएगा तो वे ज्यादा मजबूत संकल्प और नजरिए के साथ सेवाएं देंगे।
एआरसी की सिफारिश
  • इस पाठ्यक्रम के लिए छात्रों का चयन राष्ट्रीय रक्षा अकादमी [एनडीए] की तर्ज पर होने वाली अखिल भारतीय परीक्षा के आधार पर होगा।
  • 12वीं कक्षा के बाद प्रवेश परीक्षा केंद्रीय लोकसेवा आयोग आयोजित करेगा। इसके लिए आयु सीमा तदनुसार कम की जाएगी।
  • सफल छात्रों को नेशनल इंस्टीट्यूट आफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन [एनआईपीए] में तीन साल का कोर्स करना होगा।
  • कोर्स के दौरान समय-समय पर टेस्ट भी लिया जाएगा। अंतिम टेस्ट पास करने वाले छात्रों को स्नातक की डिग्री प्रदान की जाएगी।
  • जो छात्र सिविल सेवा में करियर बनाने के अनिच्छुक होंगे उन्हें इससे बाहर निकलने की छूट होगी।
  • जो छात्र सिविल सेवा में करियर बनाने के इच्छुक होंगे उन्हें कोर्स की समाप्ति के बाद सेवा का आवंटन किया जाएगा।
  • सेवा आवंटन पाने वाले छात्रों को राष्ट्रीय संस्थानों में दो वर्ष का सेवा कोर्स करना होगा। यह पाठ्यक्रम संबंधित सेवा की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाएगा।
  • कोर्स की समाप्ति के बाद एक और टेस्ट लिया जाएगा। उसके बाद हर सेवा के लिए अंतिम मेरिट सूची जारी की जाएगी।
  • इसी मेरिट के आधार पर अखिल भारतीय सेवाओं के उम्मीदवारों को कैडर का आवंटन किया जाएगा।


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ओबामा की टीम में 2 भारतीय और !

अमेरिका की नई बराक ओबामा की टीम में भारतीय मूल के सोनल शाह, अंजन मुखर्जी और पराग मेहता जैसे तमाम नामों के बाद एक और पद के लिए दो भारतीय दौड़ में हैं। जबकि न्यूरोसर्जन संजय गुप्ता को पहले ही टीम में शामिल होने की पेशकश की जा चुकी है। फिलहाल सीटीओ पद के लिए भी दो भारतीय दौड़ में शामिल हैं।
ओबामा प्रशासन में नए सृजित किए गए पद फेडरल चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के लिए भारतीय मूल की पद्मश्री वारियर और विवेक कुंद्रा के नाम सबसे आगे है। पद्मश्री सिलिकान वैली नेट्वर्किंग सिस्को सिस्टम्स की मुख्य तकनीकी अधिकारी (सीटीओ) हैं, जबकि कुंद्रा वाशिंगटन डीसी प्रशासन में सीटीओ हैं। सरकार द्वारा गठित इस नए संभाग की कार्यशैली के बारे में न तो ओबामा की टीम और न ही कुंद्रा और वारियर ने कोई जानकारी दी है। लेकिन माना जा रहा है कि ओबामा जल्द ही सीटीओ का चयन कर लेंगे।
पद्मश्री वारियर
जन्म : आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में

  • उम्र : ४६
  • आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई के बाद कॉर्नवैल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की।
  • मोटोरोला में २३ साल का कैरियर
  • पद्मश्री काफी दिन शिकागो में रहीं, जहां ओबामा ने कई साल रहकर अपना राजनीतिक आधार बनाया।
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विवेक कुंद्रा
जन्म : नई दिल्ली
उम्र : ३३
  • परवरिश तंजानिया में हुई। जब ११ साल के थे तो परिवार मैरीलैंड चला गया। पढ़ाई भी मैरीलैंड से की।
  • वाशिंगटन आने से पहले कुंद्रा वर्जीनिया कॉमनवेल्थ में वाणिज्य एवं तकनीकी सहायक मंत्री थे। यहां उन्होंने प्रशासन के फैसलों में जनता की भूमिका बढ़ाने के लिए एक वेबसाइट तैयार की थी।
  • कुंद्रा ओबामा की ट्रांजीशन टीम को तकनीकी मामलों में सलाह देते हैं।
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ओबामा की टीम में भारतीय
सोनल शाह : सत्ता हस्तांतरण कार्यक्रम के निगरानी बोर्ड की सदस्य
प्रीता बंसल : सॉलीसीटर जनरल का पद
अंजन मुखर्जी : अंतरराष्ट्रीय व्यापार समीक्षा एजेंसी के सदस्य
पराग मेहता : आंतरिक मामलों से संबंधित विभाग के डिप्टी डायरेक्टर
निक राठौड़ : आंतरिक मामलों से संबंधित विभाग के डायरेक्टर
आरती राय : विज्ञान, तकनीकी, अंतरिक्ष और कला की समीक्षा टीम में सदस्य
रचना भौमिक : राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के सदस्य
सुभाश्री रामनाथन : राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के सदस्य
नताशा बिलिमोरिया : राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के सदस्य
पुनीत तलवार : राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के सदस्य
संजय गुप्ता : सर्जन जनरल पद की पेशकश


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Wednesday, January 14, 2009

सचिन , गावस्कर सर्वकालिक महान क्रिकेटरों में

* आईसीसी टेस्ट खिलाड़ियों की सर्वकालिक रैकिंग [14 जनवरी 2009 को]
1. डॉन ब्रैडमेन [आस्ट्रेलिया-961] बनाम भारत
2. लेन हटन [इंग्लैंड-945] बनाम वेस्टइंडीज
3. जैक हाब्स [इंग्लैंड-942 बनाम] आस्ट्रेलिया
3. रिकी पोंटिंग [आस्ट्रेलिया-942] बनाम इंग्लैंड
5. पीटर मे [इंग्लैंड-941] बनाम आस्ट्रेलिया
6. क्लाइड वालकाट [वेस्टइंडीज-938] बनाम आस्ट्रेलिया
6. विव रिच‌र्ड्स [वेस्टइंडीज-938] बनाम इंग्लैंड
6. गैरी सोबर्स [वेस्टइंडीज-938] बनाम भारत
6. कुमार संगकारा [श्रीलंका-938] बनाम इंग्लैंड 10. मैथ्यू हेडन [आस्ट्रेलिया-935] बनाम इंग्लैंड
10. जैक्स कालिस [दक्षिण अफ्रीका-935] बनाम न्यूजीलैंड
12. मोहम्मद यूसुफ [पाकिस्तान-933] बनाम वेस्टइंडीज
13. ग्रीम पोलाक [दक्षिण अफ्रीका-927] बनाम आस्ट्रेलिया
13. एवर्टन वीक्स [वेस्टइंडीज-927] बनाम न्यूजीलैंड
15. डुडले नार्स [दक्षिण अफ्रीका-922] बनाम इंग्लैंड
15. डाउग वाल्टर्स [आस्ट्रेलिया-922] बनाम दक्षिण अफ्रीका
17. नील हार्वे [आस्ट्रेलिया-921] बनाम दक्षिण अफ्रीका
17. माइक हसी [आस्ट्रेलिया-921] बनाम वेस्टइंडीज
19. डेनिस कांप्टन [इंग्लैंड-917] बनाम आस्ट्रेलिया
20. सुनील गावस्कर [भारत-916] बनाम इंग्लैंड।

* आईसीसी वनडे खिलाड़ियों की सर्वकालिक रैकिंग
[14 जनवरी 2009 को]
1. विव रिचर्ड्स [वेस्टइंडीज]
2. जहीर अब्बास [पाकिस्तान]
3. ग्रेग चैपल [आस्ट्रेलिया]
4. डेविड गावर [इंग्लैंड]
5. डीन जोंस [आस्ट्रेलिया]
6. जावेद मियांदाद [पाकिस्तान]
7. ब्रायन लारा [वेस्टइंडीज]
8. डेसमंड हैंस [वेस्टइंडीज]
8. गैरी क‌र्स्टन [दक्षिण अफ्रीका]
10. एलेन लैंब [इंग्लैंड]
11. गार्डन ग्रीनिज [वेस्टइंडीज]
12. सचिन तेंदुलकर [भारत]
13. माइकल बेवन [आस्ट्रेलिया]
14. केपलर वेसल्स [दक्षिण अफ्रीका]
15. माइकल हसी [आस्ट्रेलिया]
15. ग्राहम गूच [इंग्लैंड]
17. अरविंद डिसिल्वा [श्रीलंका]
18. मैथ्यू हेडन [आस्ट्रेलिया]
18. ग्लेन टर्नर [न्यूजीलैंड]
20. मार्क वा [आस्ट्रेलिया]


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उल्लास का पर्व मकर संक्रान्ति



मकर संक्रान्ति नि:सर्ग का उत्सव है। पूरे भारत में संक्रान्ति कहीं खिचडाई के रूप में मनाई जाती है तो कहीं पतंगो को उडाया जाता है। दक्षिण में इसे पोंगल भी कहा जाता है। इस दिन खिचडी बनाकर लोग भगवान को भोग लगाते हैं। पौष और ब्राह्मणों को खिचडी खिलाते हैं।
मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तब इस पर्व को मनाया जाता है। जनवरी माह के तेरहवें, चौदहवें या पन्द्रहवें दिन जब सूर्य धनु राशि को छोड मकर राशि में प्रवेश करता है, तब संक्रान्ति मनायी जाती है। मकर संक्रान्ति के दिन से सूर्य की उत्तरायण गति शुरू होती है। इसलिए इसको उत्तरायणी भी कहते है।
इस दिन संपूर्ण भारत में सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व मनाया जाता है। दक्षिण में पोंगलऔर पंजाब में माघीया लोहडी के तौर पर इस अवसर पर उत्सव मनाया जाता है। गुजरात में इस दिन पतंगबाजी की जाती है। राजस्थान में भी आकाश पतंगो से अटा रहता है। कुछ भागों में ठीक संक्रान्ति वाले दिन ही पर्व होता है, कुछ में यह उत्सव रूप में लगातार तीन-चार दिन तक चलता रहता है। लेकिन हर जगह उपासना का केन्द्र सूर्य देव ही होते हैं।
शास्त्रों के अनुसार दक्षिणायन को देवताओं की रात्रि अर्थात नकारात्मकता का प्रतीक तथा उत्तरायण को देवताओं का दिन अर्थात सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। इसलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण आदि धार्मिक क्रियाकलापों का विशेष महत्व है। इस तिथि का एक अन्य रूप में भी महत्व बढ जाता है क्योंकि इस तिथि को खरमास समाप्त होता है और शुभ मास शुरू होता है। मकर संक्रान्ति के मौके पर गंगास्नान एवं गंगातट पर दान को अत्यंत शुभकारक माना गया है। इस पर्व पर तीर्थराज प्रयाग एवं गंगासागर में स्नान को महा स्नान की संज्ञा दी गई है।
मकर संक्रान्ति के दिन पितरों की मुक्ति के लिए तिल से श्राद्ध करना चाहिए। एक मान्यता यह भी है कि इस तिथि को ही स्वर्ग से गंगा की अमृत धारा धरती पर उतरी थी। शनि देव मकर राशि के स्वामी हैं और इस तिथि को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, अत: यह भी कहा जाता है कि सूर्य अपने पुत्र शनि देव से मिलने उनके घर जाते हैं।
मकर संक्रान्ति के विविध रूप

  • हरियाणा और पंजाब में लोहडी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन अंधेरा होते ही आग जलाकर अग्नि की पूजा करते हैं। तिल, गुड, चावल और भुने हुए मक्के की आहुति (तिलचौली) दी जाती है। इस अवसर पर लोग मूंगफली,तिल की गजक, रेवडियां आपस में बांटकर खुशियां मनाते हैं। बहुएं घर-घर जाकर लोकगीत गाकर लोहडी मांगती हैं।
  • उत्तरप्रदेश में इसे दान के पर्व के रूप में जन जाता है। इलाहाबाद में यह माघ मेलेके नाम से जाना जाता है। 14 जनवरी से इलाहाबाद में हर साल माघ मेले की शुरूआत होती है। यहां माघ मेला मकर संक्रान्ति से शुरू होकर शिवरात्रि तक चलता है। इस दिन गंगा स्नान करके तिल के मिष्ठान आदि को ब्राह्मणों व पूज्य व्यक्तियों को दान दिया जाता है। समूचे उत्तरप्रदेश में इस व्रत को खिचडी के नाम से जाना जाता है तथा इस दिन खिचडी सेवन और दान का अत्यधिक महत्व होता है।
  • महाराष्ट्र में इस दिन सभी विवाहित महिलाएं अपनी पहली संक्रान्ति पर कपास, तेल, नमक आदि चीजें अन्य सुहागिन महिलाओं को दान करती हैं। यहां ताल-गूल नामक हलवे के बांटने की प्रथा भी है।
  • बंगाल में इस पर्व पर स्नान के बाद तिल दान करने की प्रथा है। यहां गंगासागर में हर साल विशाल मेला लगता है। मकर संक्रान्ति के दिन ही गंगाजी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थीं। मान्यता यह भी है कि इस दिन यशोदा जी ने श्रीकृष्ण को प्राप्त करने के लिए व्रत किया था।
  • तमिलनाडु में इस पर्व को पोंगल के रूप में चार दिन तक मनाया जाता है। पहले दिन भोगी-पोंगल, दूसरे दिन सूर्य- पोंगल, तीसरे दिन मट्ठू -पोंगल अथवा केनू- पोंगल और चौथे व अंतिम दिन कन्या- पोंगल। पोंगल मनाने के लिए स्नान करके खुले आंगन में मिट्टी के बर्तन में खीर बनाई जाती है, जिसे पोंगल कहते हैं। इसके बाद सूर्य देव को नैवैद्य चढाया जाता है। उसके बाद खीर को प्रसाद के रूप में सभी ग्रहण करते हैं।
  • राजस्थान में मकर संक्रान्ति के दिन सुहागन महिलाएं वायना देकर आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। साथ ही महिलाएं किसी भी सौभाग्यसूचक वस्तु का चौदह की संख्यां में पूजन एवं संकल्प कर चौदह ब्रााणों को दान कर देती हैं। संक्रान्ति के दिन सभी आयु वर्ग के लोग सुबह से ही घर की छतों पर आकर पतंगबाजी का मजा लेते हैं और शाम ढलने तक यही माहौल रहता है।


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Tuesday, January 13, 2009

क्रिस्टियानो वर्ष 2008 के सर्वश्रेष्ठ फुटबालर


'यह मेरे कैरियर का बेहतरीन पल है। मैं इस पुरस्कार को अपने परिवार दोस्तों और साथी खिलाड़ियों को समर्पित करता हूं।' क्रिस्टियानो रोनाल्डो
मैनचेस्टर युनाइटेड और पुर्तगाल के फुटबालर स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो को मंगलवार को वर्ष 2008 के लिए फीफा का सर्वश्रेष्ठ फुटबालर चुना गया। इससे पहले रोनाल्डो सर्वश्रेष्ठ यूरोपीय फुटबालर भी चुने जा चुके हैं।
इस पुरस्कार की होड़ में रोनाल्डो ने 2007 के विजेता काका [ब्राजील], लियोनेल मेस्सी [अर्जेटीना], फर्नाडो टोरेस [स्पेन] और जावी [स्पेन] को पीछे छोड़ा। रोनाल्डो ने मैनचेस्टर युनाइटेड के मैनेजर सर एलेक्स फर्गुएसन की प्रशंसा के पुल बांधे जिनके साथ पिछले सत्र में उनके संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए यह सत्र काफी अच्छा रहा और इसमें कोच की अहम भूमिका रही जिनसे मैंने बहुत कुछ सीखा। मुझे अपनी टीम के प्रदर्शन पर गर्व है।
23 बरस के रोनाल्डो ने 2007-08 सत्र में सभी स्पर्धाओं में 42 गोल किए। इंग्लिश प्रीमियर लीग और चैंपियंस लीग खिताब जीतने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। यूरो 2008 में हालांकि पुर्तगाल की टीम जर्मनी से क्वार्टर फाइनल में 2-3 से हार गई थी। फीफा के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीतने वाले वह लुई फिगो [2001] के बाद दूसरे पुर्तगाली खिलाड़ी बने।
रोनाल्डो को राष्ट्रीय टीमों के कोचों और कप्तानों द्वारा किए गए मतदान में 935 अंक मिले। मेस्सी [678], टोरेस [203] और काका [183] उनके बाद रहे।
महिला वर्ग में ब्राजील की मार्टा ने लगातार तीसरे वर्ष सर्वश्रेष्ठ फुटबाल खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने जर्मनी की बिर्गिट प्रिंज को पछाड़ा।


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हेडन ने कहा अलविदा क्रिकेट


  • आलोचना से आजिज आकर लिया सन्यास
  • आस्ट्रेलिया के सबसे सफल सलामी बल्लेबाज रहे
आस्ट्रेलिया के सबसे सफल सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने आखिरकार मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। पिछले कुछ समय से खराब फार्म को लेकर लगातार आलोचना से आजिज आकर हेडन ने यह फ़ैसला लिया।
हेडन ने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा, 'मैं आज क्रिकेट से संन्यास का ऐलान करता हूं। यह अपने जीवन के अगले चरण की ओर देखने का समय है। मैंने हर उस बच्चे का सपना जिया है जिसने कभी भी बल्ला और गेंद उठाई होगी। आस्ट्रेलियाई टीम का सदस्य बनना फक्र की बात है जिसे मैं कभी भुला नहीं सकूंगा।'
हेडन ने अपना पहला टेस्ट दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 1993-94 में खेला लेकिन वह टीम के नियमित सदस्य 2000 में बने। उन्होंने 103 टेस्ट मैचों में 50.73 की औसत से 8625 रन बनाए जो आस्ट्रेलिया के किसी भी सलामी बल्लेबाज के लिए सर्वोच्च है। हेडन ने अपने कैरियर में 30 टेस्ट शतक जमाए और उनसे ज्यादा शतक आस्ट्रेलिया में सिर्फ रिकी पोंटिंग और स्टीव वा के नाम है। दो विश्व कप खेल चुके हेडन ने एक दिवसीय क्रिकेट में 161 मैचों में 43.80 की औसत से 6133 रन बनाए जिसमें दस शतक शामिल है।
हेडन ने कहा, 'मैं एशेज के बाद क्रिकेट को अलविदा कहना चाहता था। इसके बावजूद मुझे अपने फैसले पर खेद नहीं है। मुझे कोई मलाल या डर नहीं है। मैंने अपनी ओर से हमेशा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की कोशिश की है। इसके लिए मैं अपने साथी खिलाड़ियों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं।'
सम्मान
Allan Border Medal - २००२
Test Player of the Year - २००२
Wisden Cricketer of the Year २००३
ICC One-Day Player of the Year २००७
One-Day International Player of the Year - 2008


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क्या कहे, शिबू सोरेन ने समझदारी का परिचय दिया

क्या कहे, शिबू सोरेन ने समझदारी का परिचय दिया और इस्तीफा देकर उस जनाधार को मजबूरी में स्वीकार कर लिया जिसने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में अस्वीकार कर दिया था। जनता सोरेन का कुर्सी मोह पहले से ही जानती थी सो फ़ैसला सुना चुकी थी लेकिन सोरेन ठहरे फेविकोल जो कुर्सी से चिपकने का आनंद उठाने के अलावा और कुछ जानना ही नही चाहते। और, अपनी फजीहत के बाद भद पिटवाने पर तुले हुए थे, हालाँकि वो भी पहले ही कहा बची हुई थी। बहरहाल,
शिबू सोरेन झारखंड में जनाधारवाले नेता रहे हैं। वैसे नेता का हारना और भी गंभीर है। यह सिर्फ झामुमो प्रत्याशी की पराजय नहीं, यूपीए की भी हार रही। कांग्रेस ने अपनी सारी ताकत झोंक दी थी. यूपीए के अन्य समर्थक भी उनके प्रचार में गये थे. इसलिए यह हार यूपीए के लिए दूरगामी संकेत है. यूपीए के नेतृत्व में मधु कोड़ा से लेकर शिबू सोरेन की जो सरकारें चलीं, उनकी अलोकप्रियता, भ्रष्टाचार और अराजकता के खिलाफ़ यह जनमत था।
जहाँ तक शिबू सोरेन की बात है तो, वह मधु कोड़ा के कुराज के मुकाबले और अधिक कुराज बढ़ाने में ही लगे हुए थे। जो टीम उन्होंने बनायी, उसका संदेश जनता की समझ में आ चुका था। किसी पर कभी सीबीआइ जांच हई थी या कोई अचानक बाहर से रातोंरात आ टपका। उनके राज्य में यह भी पुष्टि हो गयी कि मंत्रियों के भ्रष्टाचार का क्या रूप था? उच्च न्यायालय में मंत्रियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ़ मामला चल रहा है. विजिलेंस ने दो पूर्व मंत्रियों के खिलाफ़ जांच रिपोर्ट सौंप दी है. ये तथ्य सरकार की कार्यसंस्कृति के संकेत थे। पिछले कुछेक सालों से सरकार में रहते हए, सरकार के लोगों ने संविधान, कानून और लोकमर्यादा को मजाक बना दिया है. शिबू सोरेन की यह हार, इन सभी चीजों का परिणाम है। इस्तीफे के बाद सोरेन ने कहा कि लोकतांत्रिक परंपरानुसार मैंने इस्तीफा दे दिया है। जैसे उनका मंतव्य हो की उनकी चले तो इस्तीफा देने की जहमत नही उठाते।
वो कहते हैं, शेर के मुंह में खून लगने से वह आदमखोर बनता है. झारखंड के जो नेता सत्ता में हैं, वे इसी तरह सत्ता के लिए मदांध हैं. वे सत्ता छोड़ कर कहीं नहीं रह सकते. राज्य को बेचना, दलाली करना, सड़कें चुराना जैसे काम ये लोग करते रहे हैं. यह कमाई यहां से लेकर दिल्ली तक बांटते रहे हैं। ऐसी स्थिति में झारखंड की राजनीति से लाभ कमानेवाले ये तत्व चाहेंगे कि कोई शिखंडी सरकार बने. भ्रष्ट सरकार बने, ताकि धनार्जन होता रहे.
तमाड़ चुनाव ने झारखंड की राजनीति में एक नया चेहरा दिया है, गोपाल कृष्ण पतर। शिबू सोरेन को हरा कर वह रातोंरात मशहूर हो गये हैं। भविष्य में उनकी भूमिका भी गौर करने लायक होगी। वैसे बात चली है मुख्यमंत्रियों के हरने की तो बताते चले शिबू सोरेन देश के तीसरे मुख्यमंत्री हैं, जो मुख्यमंत्री होते हए उपचुनाव हार गये।
उत्तरप्रदेश में त्रिभुवन नारायण सिंह मुख्यमंत्री रहते हए मणिराम (गोरखपुर के पास) विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हारे थे। वह आजादी की लड़ाई के सिपाही थे। केंद्र में उद्योग मंत्री रहे। उन्होंने कहा, एक मुख्यमंत्री को अपने चुनाव के प्रचार में नहीं जाना चाहिए। जनता पसंद करेगी, तो चुनेगी। वह एक दिन भी प्रचार के लिए नहीं गये। गांधीवादी राजनीति के तहत आचरण किया। चुनाव हारे, तो तुरंत पद छोड़ा, मुख्यमंत्री आवास छोड़ा, वह नैतिक राजनीति की पराजय थी। पर झारखंड में शिबू सोरेन ने सारी ताकत झोंक दी थी. फ़िर भी वह भारी मतों से हारे. भगवन जरा सोरेन को इतनी नैतिकता दे देना की वो त्रिभुवन नारायण सिंह से अपनी तुलना न कर बैठे.


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Monday, January 12, 2009

गोल्डन ग्लोब अवार्ड-कैट विंसलेट सर्वश्रेष्ट अभिनेत्री


66 वे गोल्डन ग्लोब अवार्ड में मशहूर हॉलीवुड अभिनेत्री कैट विंसलेट ने फिल्म रिवोल्यूशनरी रोड के लिए सर्वश्रेष्ट अभिनेत्री का अवार्ड अपने नाम कर लिया है। इसके अलावा उन्होंने द रीडर के लिए सर्वश्रेष्ट सहायक अभिनेत्री के लिए भी इस बार का गोल्डन ग्लोब अवार्ड जीत लिया है। आज 66 वे गोल्डन ग्लोब अवार्ड जीतने के साथ कैट भाव विभोर हो गई। अवार्ड लेते समय वह अपने बच्चों से को देखकर कहा देखों मैनें गोल्डन ग्लोब अवार्ड जीत लिया।
सर्वश्रेष्ठ फिल्म (ड्रामा ): ‘स्लमडॉग मिलिनेयर’
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक : डैनी बोयले (‘स्लमडॉग मिलिनेयर’)
सर्वश्रेष्ठ पटकथा : साइमन ब्यूफोए (‘स्लमडॉग मिलिनेयर’)
सर्वश्रेष्ठ ओरिजनल स्कोर (संगीत) : ए आर रहमान (‘स्लमडॉग मिलिनेयर’)
सर्वश्रेष्ट सहायक अभिनेत्री :कैट विंसलेट को द रीडर के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के लिए गोल्डन ग्लोब अवार्ड 2009 दिया गया है।
सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन फिल्म : वॉल ई
सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म : वाल्टज विथ बशीर
सर्वश्रेष्ठ मोशन पिक्चर (म्यूजिकल /कॉमेडी ): विक्की क्रिस्टीना बार्सिलोना
सर्वश्रेष्ट सहायक अभिनेता : हीथ लीजर (द डार्क नाइट)
सर्वश्रेष्ठ गीत : ब्रूस स्प्रिंगटन (द ब्रिस्टेलर के लिए फिल्माएं गए गीत के लिए )


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स्लमडॉग मिलिनेअर को 4 गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड

  • बेस्ट ओरिजनल स्कोर ए. आर . रहमान को
    मुंबई की पृष्ठभूमि पर बनी फ़िल्म स्लमडॉग मिलियनेयर गोल्डन ग्लोब अवार्डो में धूम मचाते हुए सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म, निर्देशक, संगीत और पटकथा के अवार्ड जीत लिए हैं। फ़िल्म के निर्देशक डैनी बॉयल, संगीतकार एआर रहमान और पटकथा लेखक साइमन ब्यूफॉय ने प्रतिष्ठित गोल्डन ग्लोब अवार्ड जीत लिए हैं।
म्यूजिक डाइरेक्टर ए. आर . रहमान ने स्लमडॉग मिलिनेअर के मिला अवॉर्ड भारत के करोड़ों लोगों को समर्पित किया है। रहमान गोल्डन ग्लोब जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड के लिए मुंबई की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म ' स्लमडॉग मिलिनेअर ' को 4 कैटगिरी में नॉमिनेट किया गया था। इससे पहले यह फिल्म हाल ही क्रिटिक्स चॉइस अवॉर्ड में भी 5 प्राइज जीत चुकी है।
मुंबई की झुग्गी के एक लड़के की कहानी पर आधारित फिल्म मिलिनेअर जिन चार श्रेणियों में नॉमिनेट हुई थी , उन सभी में इसने बाजी मार ली। फिल्म के लिए डैनी बोयले को बेस्ट डाइरेक्टर , बेस्ट ओरिजनल स्कोर के लिए ए. आर . रहमान , बेस्ट स्क्रीनप्ले के लिए सिमोन बिओफोय और इसके अलावा फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ ड्रामा के लिए भी अवॉर्ड हासिल किया है। गुलजार द्वारा लिखे गए गीत का संगीत देने वाले रहमान ने बेस्ट ओरिजनल स्कोर के लिए गोल्डन ग्लोब का अवॉर्ड जीता है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए फिल्म के डाइरेक्टर , अपने साथी संगीतकारों के अलावा भारत के करोड़ों लोगों को धन्यवाद दिया।


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Saturday, January 10, 2009

पाक के खिलाफ इजरायल जैसी कार्रवाई नहीं


नई दिल्ली। मुंबई आतंकी हमले के मद्देनजर भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ इजरायल जैसी कार्रवाई करने से इनकार करते हुए कहा कि दोनों की स्थितियां तुलनात्मक नहीं हैं।
विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि हालांकि अगर पाकिस्तान आतंकवाद को समाप्त करने की मांग पर अमल नहीं करता है तो भारत अपनी भविष्य की कार्रवाई तय करेगा। मुखर्जी ने कहा कि मैं [इजरायली कार्रवाई] इससे सहमत नहीं हूं। क्योंकि यह पूरी तरह गलत है। इस स्थिति की उससे कोई तुलना नहीं है। उनसे यह सवाल किया गया था कि जब इजरायल हमास के खिलाफ गाजा पट्टी में कार्रवाई कर सकता है तो पाकिस्तान के खिलाफ भारत ऐसा विकल्प क्यों नहीं अपना सकता
उन्होंने कहा कि मैंने कभी जा कर पाकिस्तान की किसी भूमि पर कब्जा नहीं किया जैसा कि इजरायल ने [फिलस्तीन में] किया है। अत: इन दोनों स्थिति में तुलना नहीं की जा सकती है। साथ ही उन्होंने सभी विकल्प खुले रखने की बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान से भारत उम्मीद करता है कि वह मुंबई में आतंकी हमला करने वालों के तार अपने देश से जुड़े होने के सबूतों को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई करे।


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पाकिस्तानी फौज ने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं


मुशर्रफ़ ने कहा

  • पाकिस्तानी सीमा में 'सर्जिकल स्ट्राइक' संभव नही
  • सैन्य कार्रवाई करने का राग अलापना बंद करे भारत
  • किसी भी दुस्साहस का जवाब देने को तैयार

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भारत से कहा है कि वह मुंबई हमलों की प्रतिक्रिया में पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का राग अलापना बंद करे, क्योंकि पाकिस्तान की फौज भारत के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने को तैयार है।

उन्होंने कहा कि उनका मुल्क भारत की ओर से होने वाले हर हमले का जवाब देने में सक्षम है। अमेरिका, जहां वे विभिन्न संस्थानों में लेक्चर देने वाले हैं, रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, 'भारत को पाकिस्तान पर हमले की चेतावनी जैसे बयानों से बाज आना चाहिए। अगर वह पाकिस्तान पर हमला करता है तो पाक फौज इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। देश की फौज मुश्किल हालात के लिए तैयार है। हमारी फौज ने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं।'

मुशर्रफ ने कहा, 'आखिर भारत बार-बार ऐसी धमकी क्यों दे रहा है? पाकिस्तान भी तो ऐसा कर सकता है?' मुशर्रफ ने कहा कि उनकी सरकार ने भारत से संबंध सुधारने के लिए पुरजोर कोशिश थी और मुंबई हमलों से पहले तक सब कुछ ठीकठाक चल रहा था। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर के आतंकवादी हमलों की गुत्थी सुलझाने का एकमात्र उपयुक्त उपाय यह है कि दोनों देश मिल-जुलकर इस घटना की जांच करें। उनका कहना था, "हमें नीचा दिखाने के बज़ाए उत्साहित करने की की ज़रूरत है. हम अपनी ओर से हर संभव कोशिश कर रहे हैं."


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Thursday, January 8, 2009

मुंहासे भी छीन सकते हैं नौकरी

एयर होस्टेसेस के लिए सिर्फ वजन को काबू में रखना ही जरूरी नहीं है। उनके चेहरे पर आए मुंहासे भी उन्हें जमीन पर उतार सकते हैं।
एक एयरलाइन अधिकारी के अनुसार अगर किसी फ्लाइट अटेंडंट के चेहरे पर तीन से अधिक मुंहासे हैं तो वह मुश्किल में पड़ सकती है या पड़ सकता है। यहां तक कि उसकी नौकरी भी जा सकती है। अधिकारी ने बताया कि मुंहासों को खत्म करने के लिए वक्त दिया जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो तीन महीने के लिए उस फ्लाइट अटेंडंट की नौकरी जा सकती है।
अधिकारी कहता है कि अगर आप अपनी त्वचा की देखभाल नहीं करते तो फ्लाइट अटेंडंट बनने का सपना न रखिए। उन्होंने कहा कि हम युवाओं को लिक्विड साबुन इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। लिक्विड साबुन से त्वचा अच्छी रहती है। त्वचा का रंग और बनावट दुरुस्त रहती है।
एक अन्य एयरलाइन के अधिकारी ने बताया कि शरीर का वजन व्यक्ति के कद के अनुपात में होना चाहिए। पुरुष पांच फुट छह इंच और महिलाएं पांच फुट चार इंच से कम लंबाई की नहीं होनी चाहिए। इस तरह फ्लाइट अटेंडंट को अपनी डाइट के बारे में काफी सतर्क रहना चाहिए। शरीर का वजन उनकी नौकरी से जुड़ा होता है। अटेंडंट को हर दो महीने में अपना वजन तौलना चाहिए। फ्लाइट अटेंडंट जेम्स मार्क कहते हैं कि हम कुछ भी खा सकते हैं। लेकिन अगर हम अपने खान-पान का ध्यान नहीं रखते तो इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है।


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'मुंबई हमलों में पाक अफसरों का हाथ'


लंदन: प्रसिद्ध ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट अंसार बर्नी का कहना है कि जिस तरह अजमल कसब की राष्ट्रीयता के मामले अंसार बर्नीपर पाक सरकार ने भूमिका अदा की, उससे पाकिस्तान की किरकिरी हुई है। उन्होंने मांग की कि इस मामले पर गृह मंत्रालय के प्रमुख रहमान मलिक को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।
साथ ही बर्नी ने कहा कि सरकार की गंदी भूमिका यह साबित करती है कि कुछ पाकिस्तानी अधिकारी या दल निश्चित तौर पर मुंबई में हुए जघन्य अपराध में शामिल हैं। बर्नी ने कहा कि देश या विदेश में किसी पाकिस्तानी के किसी अपराध या आतंकवादी कार्रवाई में शामिल होने का यह अर्थ नहीं है कि पूरा देश ही उस मामले में लिप्त है।
पाकिस्तान के पूर्व मानवाधिकार मंत्री बर्नी ने बुधवार रात जारी एक बयान में कहा कि पहले से ही यह जाहिर था कि मुंबई हमलों में गिरफ्तार एकमात्र आतंकवादी पाकिस्तान का निवासी है। लेकिन उसकी राष्ट्रीयता को गृह मंत्रालय द्वारा स्वीकार नहीं करने से इस मामले में पाकिस्तान के सीधे शामिल होने को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। दुनिया के कुछ देश पाकिस्तान को शक की नजरों से देख रहे हैं। हाल में अजमल के गांव गए एक दल ने इस बात की पुष्टि की थी कि वह पाकिस्तानी नागरिक है और अब उसके माता-पिता गांव से लापता हैं।
मानवाधिकार कार्यकर्ता ने कहा कि गृह मामलों के लिए प्रधानमंत्री के सलाहकार ने अज्ञात उद्देश्यों से इस मामले को पूरी तरह गलत ढंग से पेश किया, जिससे अब पाकिस्तान के लिए और समस्याएं पैदा होंगी। पाकिस्तान ने लगातार इनकार करते रहने के बाद बुधवार को भारत की इस दलील को स्वीकार कर लिया था कि कसब पाकिस्तान का ही नागरिक है।
उन्होंने कहा कि सरकार की गंदी भूमिका यह साबित करती है कि कुछ पाकिस्तानी अधिकारी या दल निश्चित तौर पर मुंबई में हुए जघन्य अपराध में शामिल हैं। बर्नी ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह अजमल कसब से उन्हें मुलाकात की इजाजत दे, ताकि सच सामने आ सके, क्योंकि उसकी गिरफ्तारी भी कई तरीकों से संदिग्ध है।


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Tuesday, January 6, 2009

पाक के इनकार से कसब अनजान

मुंबई : मुंबई हमलों में गिरफ्तार आतंकवादी अजमल आमिर कसब को यह पता नहीं है कि पाकिस्तान ने उसे अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया है। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के मुताबिक, कसब ने हमसे अपने उस खत के बारे में पूछा है, जिसमें उसने पाकिस्तान से कानूनी मदद मांगी थी। हमने उसे बताया है कि प्रक्रिया चल रही है।
कसब को पाकिस्तान में हो रही गतिविधियों की जानकारी नहीं है। वह नहीं जानता कि ठोस सबूत न होने का बहाना बनाकर पाकिस्तान ने उसे अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया है।
उधर जेल अधिकारियों का कहना है कि कसब को अपनी करतूत पर कोई अफसोस नहीं है। उसे भरोसा है कि उसने जो किया, ठीक किया। कसब ने पाकिस्तान को लिखे खत में कहा था कि मैं और मेरा साथी पाकिस्तानी हैं, इसलिए पाकिस्तानी उच्चायोग मेरे साथी आतंकवादी इस्माइल का शव अपनी कस्टडी में ले।


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फ़िर वही जवाब 'सबूत नाकाफी',

  • पाकिस्तान ने कहा, 'भारत की ओर से सौंपे गए सबूत अपर्याप्त'
  • कसब का बयान जबरदस्ती दिलाया गया बयान
  • पाकिस्तानी कमिटी करेगी सबूतों की 'जांच'

इस्लामाबाद : मुंबई हमलों के सिलसिले में भारत की ओर से सौंपे गए सबूत को पाकिस्तान ने अपर्याप्त बताते हुए कहा है कि इसके आधार पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। गिरफ्तार आतंकवादी कसब के बयान को भी पाकिस्तानी अधिकारियों ने जबरदस्ती कर दिलाया गया बयान करार दिया है।

हालाँकि चौतरफा दबाव के बीच मोहलत पाने के लिए पाकिस्तान ने नया दांव खेला है। जियो टीवी के मुताबिक भारत की ओर से सौंपे गए सबूतों के आधार पर जांच करने के लिए पाकिस्तान सरकार जॉइंट कमिटी बनाएगी। हालांकि अभी यह नहीं स्पष्ट हो सका है कि जांच कमिटी का स्वरूप कैसा होगा। यह कमिटी भारत की ओर से सौंपे गए सबूत में दिए गए तथ्यों- इंटरनेट टेलिफोन नंबर और आईपी अड्रेस की जांच करेगी। बताया जा रहा है कि शुरुआती जांच करने के बाद कमिटी सरकार को आगे उठाए जाने वाले कदमों के बारे में भी सलाह देगी।

हालांकि, इससे पहले पाकिस्तानी मीडिया में कहा गया था कि भारत के सबूतों को पाकिस्तान सरकार ने अपर्याप्त बताते कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तानी अखबार 'द नेशन' ने सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा कि सबूत कसब के बयान पर आधारित हैं। कसब भारतीय खुफिया एजेंसियों की गिरफ्त में है और मुमकिन है कि उसे प्रताड़ित करके उसका बयान रिकॉर्ड किया गया हो, लिहाजा उसकी कोई कानूनी मान्यता नहीं है।


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'पाकिस्तानी को थी हमलों की जानकारी'


"मुंबई आतंकी हमलों की जाँच के दौरान जो चीज़ें हमारे सामने आई हैं, दस्तावेज़ के रूप में उसे पाकिस्तान को सौंप दिया गया है। हमें उम्मीद करते है कि पाकिस्तान इन दस्तावेज़ों के आधार पर जाँच करेगा, जो पाकिस्तान पर उंगली उठाते हैं। हम भरोसा करते हैं कि पाकिस्तान अपनी जाँच के नतीजे हमें बताएगा और हमें क़ानूनी मदद भी देगा ताकि हम मुंबई हमले में शामिल लोगों को भारत ला सकें।"- शिव शंकर मेनन

विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने दिल्ली में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह मुंबई हमलों के दौरान कमांडो कार्रवाई की नौबत आई, भारत ये नहीं विश्वास कर सकता कि पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान की जानकारी के बिना हमले संभव थे। भारत ने पाकिस्तान से मांग की है कि वह मुंबई हमलों में शामिल लोगों को भारत के हवाले कर दे ताकि भारत में उन पर क़ानूनी कार्रवाई हो सके। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने मुंबई हमलों से संबंधित दस्तावेज़ मिलने की बात स्वीकार की है और कहा है कि संबंधित अधिकारी इसकी जाँच कर रहे हैं.
दूसरी ओर दक्षिण एशिया मामलों के अमरीकी सहायक विदेश मंत्री रिचर्ड बाउचर से मुलाक़ात के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि अगर भारत की ओर से ठोस सबूत मिले तो पाकिस्तानी नागरिकों के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की जाएगी।

शिवशंकर मेनन ने कहा कि अब हम चाहते हैं कि पाकिस्तान बोलने की बजाए कार्रवाई करे और अभी तक यह दिखा नहीं है। विदेश सचिव का कहना था कि पाकिस्तान की ओर से सहयोग प्रत्यर्पण भी हो सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को अभी तक पाकिस्तान की ओर से कोई कार्रवाई दिखी नहीं है. शिवशंकर मेनन ने कहा कि अभी तक मुंबई हमलों की जाँच पूरी नहीं हुई है. लेकिन उन्होंने कहा कि अपराध भले ही भारत में हुआ है, लेकिन इसकी साज़िश पाकिस्तान में रची गई है। इसलिए भारत को उम्मीद है कि पाकिस्तान अपना वादा पूरा करेगा.
विदेश सचिव ने कहा कि भारत ने काबुल में भारतीय दूतावास पर हमले के सबूत भी पाकिस्तान को दिए थे, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि पहले के रुख़ से अलग पाकिस्तान इस बार भारत को सहयोग देगा. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संधियों और सार्क (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) चार्टर के तहत भारत में आतंकवादी हमलों में शामिल लोगों को प्रत्यर्पित करने के लिए पाकिस्तान बाध्य है."


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Sunday, January 4, 2009

आतंकी ठिकानों को तबाह कर दो: कलाम


पूर्व राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम चाहते हैं कि पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर हमला करके उन्हें नष्ट कर दिया जाए। कलाम ने आतंकवाद से लड़ने के लिए तीन रणनीतियों की वकालत की है। इनमें देश के अंदर और बाहर स्थित आतंकवादी ठिकानों पर छापा मारकर उन्हें नष्ट करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए सबसे एक व्यापक राष्ट्रीय अभियान चलाने की जरूरत है जिसमें हर नागरिक को शामिल किया जाए। कलाम ने कहा कि इसके बाद देश के अंदर और बाहर स्थित आतंकवादी ठिकानों पर छापा मारकर उन्हें नष्ट किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश के अंदर और बाहर स्थित आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त कर आतंक को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के सूत्रधारों को दंड देने के लिए ऐसे मामलों को तुरंत निपटाए जाने की जरूरत है। हमीरपुर में कई स्कूलों के स्टूडंट्स के साथ बातचीत में पूर्व राष्ट्रपति ने आतंकवाद के खतरे से लेकर निजी जिंदगी के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब दिए। कलाम यहां एनआईटी, हमीरपुर के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने आए थे।


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Saturday, January 3, 2009

सबूत मिलने पर करेंगे कार्रवाई

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अमेरिका को भरोसा दिलाया है कि यदि भारत मुंबई में आतंकी हमलों से जुडे़ सबूत उसे सौंपता है तो वह इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई अवश्य करेगा।
पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया के अनुसार जरदारी ने यह बात पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूत एने डब्ल्यू पीटरसन के साथ शुक्रवार को मुलाकात के दौरान कही। इस मुलाकात के बाद यहां जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि दोनों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों के साथ ही क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा हुई। राजनीति विश्लेषक इस मुलाकात को अमेरिका के भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने के संबंध में किए जा रहे प्रयासों से जोड़ रहे हैं।
स्थानीय मीडिया के अनुसार जरदारी ने कहा कि मुंबई हमले की संयुक्त जांच के पाकिस्तान के प्रस्ताव का भारत को सकारात्मक जवाब देना चाहिए तथा ऐसा नहीं होने से दोनों के बीच जारी शांति प्रयासों को धक्का लगेगा। पीटरसन और जरदारी ने पाक-अफगान सीमा क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के साथ वहां आतंकियों के खिलाफ चल रहे अभियान को और बेहतर बनाने के उपायों पर भी चर्चा की। पीटरसन ने कहा कि उनका देश भारत और पाकिस्तान के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में है तथा वह दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए किसी भी तरह की बातचीत का समर्थन करेगा।


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Friday, January 2, 2009

आईसीसी हाल ऑफ फेम लांच


55 पूर्व खिलाड़ियों के साथ गावस्कर, कपिल व बेदी शामिल




सिडनी। भारत के तीन महान क्रिकेटरों कपिल देव, सुनील गावस्कर और बिशन सिंह बेदी को आईसीसी के सहस्त्राब्दि समारोह के तहत पहले हाल ऑफ फेम में 55 पूर्व खिलाड़ियों के साथ शामिल किया गया है। मुख्य कार्यकारी हारून लोर्गट ने आईसीसी क्रिकेट हाल ऑफ फेम लांच करते हुए कहा, 'अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर संघों के महासंघ [फिका] के साथ शुरू की गई इस पहल से खेल को अपने महान खिलाड़ियों को सम्मानित करने का मौका मिलेगा।
गावस्कर ने कहा, 'आईसीसी द्वारा सम्मानित किया जाना और वह भी उसके सहस्त्राब्दि वर्ष में गौरव की बात है। यह बड़ी उपलब्धि है और मैं आभारी हूं कि सर डान ब्रैडमेन और सर गैरी सोबर्स जैसे खिलाड़ियों के साथ मेरा नाम शामिल किया गया।'
  • आस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर रोडने मार्श पहले हाफ ऑफ फेमर बने।
आईसीसी की आज शुरू हुई नई सहस्त्राब्दि वेबसाइट कैच द स्पिरिट डाटकाम पर इन 55 हाल ऑफ फेमर के कैरियर के आंकड़े और आत्मकथा मिल जाएगी। इस साल से प्रत्येक वर्ष एलजी आईसीसी पुरस्कार समारोह के दौरान नए हाल ऑफ फेमर चुने जाएंगे।
आईसीसी क्रिकेट हाल ऑफ फेम इस प्रकार है: सिडनी बार्नेस, बिशन बेदी, एलेक बेडसर, रिची बेनो, एलेन बार्डर, इयान बाथम, ज्यौफ्री बायकाट, डोनाल्ड ब्रैडमेन, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, डेनिस कांप्टन, कोलिन काउड्रे, कपिल देव, सुनील गावस्कर, लांस गिब्स, ग्राहम गूच, डेविड गावर, डब्ल्यूसी ग्रेस, टाम ग्रावेनी, गार्डन ग्रीनिज, रिचर्ड हैडली, वाल्टर हामंड, नील हार्वे, रान हेडली, जैक हाब्स, माइकल होल्डिंग, लेनार्ड हटन, रोहन कंहाई, इमरान खान, एलेन नाट, जिम लेकर, हारोल्ड लार्वुड, डेनिस लिली, रे लिंडवाल, क्लाइव लायड, हनीफ मोहम्मद, राडने मार्श, मैल्कम मार्शल, पीटर मे, जावेद मियांदाद, कीथ मिलर, बिली ओरिली, ग्रीम पोलाक, विलफ्रेड रोड्स, बैरी रिच‌र्ड्स, विवियन रिच‌र्ड्स, एंडी राब‌र्ट्स, गैरी सोबर्स, ब्रायन स्टाथम, फ्रेड टूमैन, डेरेन अंडरवुड, क्लाइडे वालकाट, एवर्टन वीक्स, फ्रेंक वूली और फ्रेंक वारेल।


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'ताज और ओबेरॉय में आग लगाओ-आग लगाओ'

  • वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल कॉल्स से मिले विवरण से खुलासा
  • लश्कर-ए-तैयबा के आलाकमान जिहादियों दे रहे थे दिशा-निर्देश
  • लश्कर के कमांडरों की पहचान ज़रार शाह, अबू हमज़ा और अबू काफा के रूप में
नई दिल्लीः 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों की जांच में वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल से आंतकवादियों और उनके आकाओं के बीच बातचीत का खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, कॉल्स से मिले विवरण से खुलासा हुआ है कि हमले के मास्टरमाइंड पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के आलाकमान जिहादियों के साथ बड़े ही शांत तरीके से बातचीत कर रहे थे और दिशा-निर्देश दे रहे थे। आतंकवादियों और लश्कर के कमांडरों के बीच बातचीत जांच में एक अहम सबूत मानी जा रही है।
गौरतलब है लश्कर के कमांडरों की पहचान ज़रार शाह, अबू हमज़ा और अबू काफा के रूप में हुई है। हालांकि लश्कर कमांडरों ने बातचीत के जरिए अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की थी। लेकिन अमेरिका की खुफिया एजंसी एफबीआई और दूसरी एजंसियों की मदद से भारतीय जांचकर्ताओं ने कॉल्स के डीटेल्स पता कर लिए हैं।
डीटेल्स से पता चला है कि नरीमन हाउस, ओबेरॉय और ताज होटेल में घुसे आतंकवादियों को उनके आका पल पल की जानकारी दे रहे थे। पंजाबी में बात करते हुए लश्कर आकाओं ने जिहादियों से कहा कि उन जगहों पर नजर रखें जहां से सुरक्षाकर्मी और कमांडो आ सकते हैं। उन्होंने कहा- कमांडो पर ग्रेनेड फेंको और उन पोजिशनों से हट जाओ जहां से कमांडो उन्हें निशाना बना सकते हैं। लश्कर के कमांडर आतंकवादियों से बार-बार आग लगाने के लिए कह रहे थे ताकि ज्यादा से ज्यादा जान-माल का नुकसान हो। उनके शब्द थे- 'आग लगाओ, आग लगाओ।'
पाकिस्तान में बैठे इन आकाओं ने नरीमन हाउस में घुसे आतंकवादियों से इस्राइलियों को मार डालने के लिए कहा। कॉल्स डीटेल्स से पता चला कि लश्कर लीडर्स नरीमन हाउस में एक आतंकवादी इमरान बब्बर द्वारा टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू पर भी शांत नजर आए। बल्कि वह इस बात पर खुश हुए कि बब्बर ने इंटरव्यू के दौरान इंग्लिश शब्दों का भी इस्तेमाल किया।
यही नहीं लश्कर कमांडर ने दूसरे आतंकवादियों से पूछा- 'तुम भी देना चाहते हो।' जैसे ही सेना ने मोर्चा संभाला और कमांडो कार्रवाई के लिए आगे बढ़ें लश्कर कमांडर ने तुरंत आतंकवादियों को चेताया- 'फौज आ रही है, कवर लो।' लेकिन बातचीत के दौरान कहीं भी उनकी आवाज़ में चिंता नज़र नहीं आई। बल्कि वह इस बात से आश्वस्त लगे कि एनएसजी के जवानों के लिए इन आतंकवादियों को निपटाना आसान नहीं होगा।
कमांडो कार्रवाई के दौरान लश्कर कमांडर ने उन्हें खजूर खाने और आराम करने के लिए कहा। आतंकवादियों से उन्होंने कहा- 'थकना नहीं है' । आतंकवादियों के कोई भी आका इस पूरी बातचीत के दौरान कहीं भी चिंतित नजर नहीं आए। एक आतंकवादी ने जब उन्हें बताया कि वह बुरी तरह जख्मी हो गया है, तब उन्होंने बड़े ही शांत तरीके से आतंकवादी से कहा- 'आखिरी वक्त आ गया है, नमाज़ अदा करो।'


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Thursday, January 1, 2009

नाम बदलने की फिराक में जमात-उद-दावा

नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के नेताओं की हाल की गतिविधियां से संकेत मिले हैं कि यह संगठन नये नाम से फिर से सक्रिय होने की फिराक में हैं। सूत्रों के मुताबिक मुंबई हमलों में लश्कर-ए-तैयबा का नाम सामने आने पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित किए गए लश्कर के छद्म रूप जमात-उद-दावा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने हाल में पाकिस्तान में तहरीक-ए-हुरमत-ए-रसूल [टीएचआर] के बैनर तले एक रैली की थी।
उन्होंने बताया कि यह संभव है कि जमात अपने पुराने नाम को छोड़ कर टीएचआर का छद्मावरण ओढ़ कर अपनी गतिविधियों को संचालित करने की योजना बना रहा हो। दरअसल, अमेरिका द्वारा लश्कर पर करीब सात साल पहले प्रतिबंध लगाए जाने के बाद उसने जमात-उद-दावा के नाम से अपनी गतिविधियां जारी रखी थी। वर्ष 1990 में अफगानिस्तान के कुनार प्राप्त में गठित किए गए लश्कर-ए-तैयबा का लोकतंत्र में तनिक भी विश्वास नहीं है और उसके संस्थापक सईद का कहना है कि जेहाद ही एकमात्र रास्ता है जिससे पाकिस्तान आत्मसम्मान और संपन्नता के रास्ते पर आगे बढ़ सकता है।
भारत बार-बार कहता रहा है कि जमात-उद-दावा तालीम और तथाकथित खैरात के नाम पर विभिन्न अवैध गतिविधियों में लिप्त है मगर उसके बावजूद पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कानूनों को ताक पर रखकर उसकी तरफ से नजरें फेरे हुए हैं।


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सशस्त्र बलों को नव वर्ष का तोहफा

  • बनेगा अलग वेतन आयोग
नई दिल्ली। सशस्त्र बलों को नए साल का तोहफा देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने रक्षा मंत्रालय को सूचित किया है कि उनके लिए अलग से वेतन आयोग होगा, जो असैनिक वेतन आयोग से अलग होगा।
रक्षा मंत्रालय को प्रधानमंत्री कार्यालय ने सूचित किया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने 12 हजार से अधिक लेफ्टिनेंट कर्नलों तथा नौसेना और वायु सेना में उनके समकक्षों को छठे वेतन आयोग के पे बैंड चार में लाने की मांग को भी स्वीकार कर लिया है।
हालांकि पीएमओ ने कहा कि 8000 रुपये के ग्रेड पे के साथ पे बैंड चार का दर्जा उन्हीं लेफ्टिनेंट कर्नलों को दिया जाएगा, जो युद्ध में भूमिका निभा रहे हों अथवा जो युद्ध के लिए तैयार होंगे। जो लेफ्टिनेंट कर्नल प्रतिस्थापन पर अन्य सेवाओं में होंगे उन्हें पे बैंड चार का दर्जा तभी मिलेगा जब वे अपनी मूल सेवा में लौटेंगे।
जवानों से संबंधित एक अन्य मांग को पीएमओ ने स्वीकार किया है। सरकार जवानों का 70 फीसदी पेंशनभार बहाल करेगी। सरकार की ओर से सेवानिवृत्ता सशस्त्र बल के जवानों को अ‌र्द्धसैनिक बलों और केंद्रीय पुलिस बल में प्रवेश की अनुमति देने के संबंध में छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किए जाने तक 70 फीसदी पेंशनभार का प्रावधान जारी रहेगा।
पीएमओ ने यह पत्र रक्षा मंत्रालय को दिसंबर के आखिरी हफ्ते में भेजा। हालांकि इस पत्र में लेफ्टिनेंट जनरलों को उच्चतर प्रशासनिक ग्रेड प्लस वेतनमान में डालने तथा कैप्टन से ब्रिगेडियर तक के अधिकारियों को उनके असैनिक समकक्षों के बराबर लाने की सशस्त्र बलों की दो अन्य प्रमुख मांगों पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन रक्षा कर्मियों की मांगों को मानते हुए पीएमओ ने कहा कि वह कमान और नियंत्रण कार्यो तथा उनके असैनिक तथा अ‌र्द्धसैनिक समकक्षों के विपरीत सशस्त्र बलों के दर्जे की समीक्षा के लिए उच्चाधिकार समिति का गठन करेगी।


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कसब के गांव पहुंची FBI की टीम

इस्लामाबादः अमेरिकी खुफिया एजंसी ( FBI ) की एक टीम ने मुंबई आतंकी हमले में पकड़े गए आतंकवादी अजमल आमिर इमान ' कसब ' के पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित उसके गांव फरीदकोट का दौरा किया। जियो टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार एफबीआई की पांच सदस्यीय टीम की अगुवाई एजेंसी के दक्षिण एशिया निदेशक विलियम राबर्ट कर रहे थे।
सूत्रों ने मीडिया खासकर पाकिस्तानी टीवी चैनलों की उस रिपोर्ट को बकवास बताया, जिसमें कहा गया था कि एफबीआई को कसब के पाकिस्तानी होने का कोई सबूत नहीं मिला। सूत्रों ने कहा कि एफबीआई टीम की जांच जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने में अभी और समय लगेगा। उन्होंने विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया।
उल्लेखनीय है कि कसाब के पिता ने हाल में डान समाचार पत्र के साथ एक साक्षात्कार में स्वीकार किया था कि मीडिया में आ रही तस्वीरें उसके बेटे की है। पाकिस्तान ने दावा किया कि भारत ने कसाब के पाकिस्तानी होने के बारे में कहानी गढ़ी है।
दूसरी तरफ़ पुलिस ने पिछले महीने मुंबई हमलों के दौरान पकड़े गए एकमात्र जीवित आतंकी मोहम्मद आमिर अजमल ईमान पर बृहस्पतिवार को तीन और मामले दर्ज किए। अवैध रूप से समुद्र के जरिये नगर में प्रवेश करने को लेकर कस्टम, कानून और उचित दस्तावेज के बिना देश में रहने को लेकर विदेशी नागरिक कानून के तहत अजमल पर मामला दर्ज किया गया है। गैर कानूनी कार्य करने को लेकर उसपर यूएपीए भी लगाया गया है।
अजमल को 26 नवंबर की रात को पकड़ा गया था और वह पहले से ही आपराधिक षडयंत्र देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, हत्या के प्रयास सहित कई अन्य मामलों का सामना कर रहा है। उसके खिलाफ अवैध रूप से हथियार रखने का भी मामला दर्ज किया गया है।


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गैर-इस्लामी है बालों को रंगना

लखनऊ: देश में सुन्नी मुसलमानों की सर्वोच्च संस्था दारुल उलूम देवबंद ने बालों को काला करने को गैर-इस्लामी करार देते हुए फतवा जारी किया है।
फतवे के मुताबिक, शरीयत बालों को काला करने की इजाजत नहीं देती। इसलिए बालों को रंगना गैर-इस्लामी है। यह फतवा देवबंद के दारुल इफ्ता विभाग ने जारी किया है। देवबंद ने अपनी वेबसाइट पर पूछे ऑनलाइन सवाल के जवाब में यह फतवा जारी किया है।
सवाल में एक शख्स ने पूछा था कि मेरा भाई जो कि 26 साल का है, उसके बाल सफेद हो गए हैं। ऐसे में क्या बालों को काला किया जा सकता है। इस फतवे का समर्थन करते हुए लखनऊ स्थित सुन्नी धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगमहली ने कहा कि बालों को रंगना एक तरह का धोखा है और यह फतवा उसी के खिलाफ आया है। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि फतवा सामाजिक मसलों पर नहीं, बल्कि धार्मिक मामलों पर दिया जाना चाहिए।


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'इंग्लैंड में नहीं होगा IPL का मैच'

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के कमिश्नर ललित मोदी ने ट्वेंटी 20 क्रिकेट लीग के दूसरे चरण को इंग्लैंड में आयोजित कराने की खबरों को नकार दिया है। उन्होंने कहा है कि आईपीएल के मैच सिर्फ भारत की जमीन पर ही खेल जाएंगे।
मोदी ने कहा, 'बेशक आईपीएल विश्वस्तरीय लीग है, लेकिन हमारा इसके टूर्नामंट को इंग्लैंड में आयोजित करने का कोई इरादा नहीं है।' गौरतलब है कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि आईपीएल के अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले टूर्नामंट के कुछ मैच इंग्लैंड में खेले जाएंगे।
हालाँकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष मोदी ने आईपीएल के पहले संस्करण में नहीं खेले इंग्लैंड के खिलाड़ियों के इस लीग के दूसरे सत्र में हिस्सा लेने की उम्मीद जाहिर की है। मोदी ने कहा कि आईपीएल ने दुनिया भर के क्रिकेट खिलाड़ियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इससे इंग्लैंड भी अछूता नहीं है।
आईपीएल छह फरवरी से खिलाड़ियों की ताजा नीलामी प्रक्रिया शुरू करेगा। मोदी ने कहा कि आईपीएल में खेलने के इच्छुक इंग्लैंड और दुनिया की अन्य टीमों के खिलाड़ियों का सामने आना बस समय की बात रह गई है।


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